कांवड़ मार्ग पर लोहे की बैरिकेडिंग से सुरक्षा पर सवाल
बरसात में करंट उतरने और धूप में पाइप गर्म होने की आशंका, एनएचएआई ने जांच का दिया भरोसा
मेरठ। दिल्ली-देहरादून हाईवे पर कांवड़ यात्रा के मद्देनजर परतापुर तिराहे से दौराला क्षेत्र के दादरी तक विभिन्न कटों पर एनएचएआई की ओर से लगाए गए लोहे के पाइपों की बैरिकेडिंग को लेकर स्थानीय लोगों ने सुरक्षा संबंधी चिंता जताई है। लोगों का कहना है कि बरसात के दौरान यदि किसी वजह से लोहे के पाइपों में करंट उतरता है तो पैदल राहगीरों और कांवड़ियों के लिए खतरा पैदा हो सकता है। वहीं तेज धूप में पाइपों के गर्म होने से भी परेशानी की आशंका है।
कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था और श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुचारु रखने के लिए हाईवे के कटों को बंद करने के लिए एनएचएआई ने लोहे के पाइप लगाए हैं। वहीं नगर निगम की ओर से भी कई स्थानों पर बल्लियों से बैरिकेडिंग की गई है।
हाईवे किनारे स्थित अक्षरधाम कॉलोनी निवासी डॉ. आरएस सेंगर, रवि चौधरी, अंसल टाउन आरडब्ल्यूए अध्यक्ष मोनिका पुंडीर, अंसल कोर्टयार्ड आरडब्ल्यूए अध्यक्ष अजीत कुमार और पल्लवपुरम निवासी राजेश कांत जैन समेत अन्य लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बरसात में पाइपों में करंट उतरने की स्थिति में वहां से गुजरने वाले लोगों और कांवड़ियों को गंभीर खतरा हो सकता है। लोगों ने प्रशासन और एनएचएआई से बैरिकेडिंग की सुरक्षा व्यवस्था की दोबारा समीक्षा कराने की मांग की है।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक साकेत मिश्रा ने बताया कि जिन स्थानों पर लोहे के पाइप लगाए गए हैं, वहां बिजली के पोल नहीं हैं। इसके बावजूद स्थानीय लोगों की आशंका को देखते हुए पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि वलीदपुर और सकौती क्षेत्र में कांवड़ियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त प्रकाश व्यवस्था भी कराई गई है।


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