‘वंदे मातरम्’ के दो पदों पर कांग्रेस का रुख शहीदों का अपमान : डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी
मेरठ। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने कांग्रेस पर ‘वंदे मातरम्’, परिसीमन और संसद से पारित कानूनों को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास बताता है कि वंदे मातरम् कहते हुए बलिदानियों ने फांसी का फंदा चूमा था तो क्या इसका विरोध शहीदों का अपमान है !
डॉ. बाजपेयी ने कहा कि करीब 90 वर्ष पुराने प्रस्ताव और उससे जुड़े विवाद को दोबारा उठाने का उद्देश्य क्या है। उन्होंने सवाल किया कि क्या कांग्रेस का फिर से कोई ऐसा एजेंडा है, जो देश में विभाजनकारी राजनीति को बढ़ावा दे। उन्होंने कांग्रेस की सोच को संविधान विरोधी बताते हुए कहा कि संसद से पारित कानून का विरोध करने के बजाय उसका संवैधानिक सम्मान किया जाना चाहिए।नहीं तो संसद छोड़े।
उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि तुष्टीकरण की राजनीति के माध्यम से देश में अराजकता पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है।
परिसीमन के मुद्दे पर डॉ. बाजपेयी ने कहा कि इसका विरोध करने वाले यह स्पष्ट करें कि क्या वे युवाओं और महिलाओं के बढ़ते राजनीतिक प्रतिनिधित्व के अवसरों का भी विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि परिसीमन से राजनीतिक प्रतिनिधित्व के नए अवसर खुलेंगे और इसका विरोध युवाओं तथा महिलाओं के अवसरों को रोकने की मानसिकता को दर्शाता है।


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