ललिता गौतम प्रकरण पर मेरठ में बहुजन महापंचायत, पुलिस अफसरों की बर्खास्तगी की मांग

पुलिस प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम, कमिश्नरी पार्क में भारी पुलिस बल और ड्रोन से निगरानी; अपेक्षा से कम जुटी भीड़

मेरठ। ललिता गौतम प्रकरण को लेकर रविवार को मेरठ के कमिश्नरी पार्क में बहुजन समाज के लोगों ने महापंचायत की। करीब 15 दिनों से कमिश्नरी पार्क में धरना दे रहे रवि गौतम की ओर से महापंचायत का आह्वान किया गया था। कार्यक्रम को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। कमिश्नरी पार्क और आसपास का क्षेत्र भारी पुलिस बल की तैनाती के कारण छावनी में तब्दील नजर आया। ड्रोन के माध्यम से भी निगरानी की गई। हालांकि, आयोजकों की ओर से जताई गई भीड़ की उम्मीद के मुकाबले महापंचायत में लोगों की संख्या कम रही।

महापंचायत में वक्ताओं ने ललिता गौतम प्रकरण से जुड़े मामलों में कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम देने की बात कही।

तत्कालीन एसएसपी और एसपी देहात को बर्खास्त करने की मांग

रवि गौतम का आरोप है कि पूर्व में हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान दलित समाज के लोगों के साथ तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडे और तत्कालीन सिविल लाइन थाना प्रभारी ने कथित तौर पर मारपीट की तथा अपशब्दों का इस्तेमाल किया। आयोजकों के मुताबिक इस मामले में मुकदमा एससी-एसटी कोर्ट में विचाराधीन है।

महापंचायत में तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडे और एसपी देहात अभिजीत कुमार को बर्खास्त करने की मांग उठाई गई। इसके साथ ही प्रदर्शन के दौरान रवि गौतम के साथ कथित मारपीट करने वालों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई।

दिग्विजय भाटी से कथित मारपीट का मुद्दा भी उठा

महापंचायत में किसान नेता दिग्विजय भाटी के साथ हुई कथित मारपीट का मामला भी उठाया गया। आयोजकों ने आरोप लगाया कि मारपीट में दिग्विजय भाटी की आंख में गंभीर चोट आई और उनकी एक आंख की रोशनी प्रभावित हुई है। इस मामले में भी आरोपियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की गई।

प्रदर्शनकारियों ने दलित समाज के लोगों पर लगाए गए कथित फर्जी मुकदमों को वापस लेने तथा तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडे और एसपी देहात अभिजीत कुमार की संपत्ति की जांच कराने की मांग भी रखी।

भारी पुलिस बल, आरएएफ और ड्रोन से निगरानी

महापंचायत को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। कमिश्नरी पार्क के आसपास बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। एडीएम सिटी, एसपी सिटी और तीन सीओ समेत कई पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।

सुरक्षा व्यवस्था के लिए आरएएफ की एक टुकड़ी भी तैनात की गई। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस ने पूरे कार्यक्रम पर नजर रखी और ड्रोन से भी निगरानी की।

तीन दिन में कार्रवाई नहीं तो आगे की रणनीति का ऐलान

महापंचायत में वक्ताओं ने मांगों पर जल्द कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस-प्रशासन को तीन दिन का समय देने की बात कही। आयोजकों ने संकेत दिया कि निर्धारित समय में मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन को आगे बढ़ाया जा सकता है।

फिलहाल महापंचायत में लगाए गए आरोपों और उठाई गई मांगों पर प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। संबंधित मामलों में चल रही कानूनी प्रक्रिया और जांच के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

No comments:

Post a Comment

Popular Posts