कानूनी पेशे में आत्मविश्वास बेहद जरूरीः जस्टिस कृष्ण पहल
डॉ. राजेंद्र प्रसाद राष्ट्रीय विधि विवि में ओरिएंटेशन प्रोग्राम
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति कृष्ण पहल ने कहा कि सफल विधि व्यवसायी बनने के लिए केवल कानूनी ज्ञान पर्याप्त नहीं है। इसके साथ प्रभावी संवाद, आत्मविश्वास, बेहतर अभिव्यक्ति और लोगों से जुड़ने की क्षमता भी जरूरी है।
जस्टिस पहल डा. राजेंद्र प्रसाद राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (आरपीएनएलयू) में बीए एलएलबी (आनर्स) के द्वितीय और तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों के लिए ओरिएंटेशन प्रोग्राम में छात्रों को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अपने पेशेवर अनुभवों का उल्लेख करते हुए विधि छात्रों को बताया कि न्यायिक और कानूनी पेशे में विचारों को स्पष्ट और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की क्षमता अत्यंत महत्वपूर्ण है।
जस्टिस पहल ने कहा कि विधि के छात्रों को केवल कानून की धाराओं और न्यायिक निर्णयों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसे समाज, लोगों और उनके अनुभवों को भी समझना होगा। उन्होंने कहा कि अदालत में किसी कानूनी तर्क को प्रभावी बनाने के लिए उसके पीछे मजबूत कानूनी तैयारी के साथ उसे प्रस्तुत करने की कला भी आवश्यक है।
इस मौके पर कुलपति प्रो. उषा टंडन ने विश्वविद्यालय की निरंतर प्रगति पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने वरिष्ठ बैच के विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों और उनकी अब तक की यात्रा का उल्लेख किया।
विशिष्ट अतिथि डा. बीआर आंबेडकर नेशनल ला यूनिवर्सिटी सोनीपत के कुलसचिव प्रो. आशुतोष मिश्रा का परिचय विद्यार्थियों से कराया। उन्होंने न्यायमूर्ति कृष्ण पहल के हालिया आदेश का भी उल्लेख किया और उसके एक अंश को पढ़कर विद्यार्थियों का ध्यान न्यायिक ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की ओर आकर्षित किया।
उन्होंने कहा कि आज कानून की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के सामने करियर के विकल्प केवल पारंपरिक वकालत तक सीमित हैं।


No comments:
Post a Comment