पुणे के बाद नागपुर में राहुल गांधी का छात्र सम्मेलन, कांग्रेस ने तेज की तैयारी
नई दिल्ली, 25 अगस्त। पुणे में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को मिली प्रतिक्रिया से उत्साहित कांग्रेस अब नागपुर में अगला छात्र सम्मेलन आयोजित करने की तैयारी कर रही है। पार्टी नेताओं के मुताबिक, नागपुर में होने वाला कार्यक्रम पुणे से भी बड़ा हो सकता है और इसमें विदर्भ क्षेत्र के छात्र-छात्राओं की भागीदारी की योजना है। कार्यक्रम की तारीख अभी तय नहीं हुई है।
कांग्रेस के अनुसार, पुणे में 22 अगस्त को आयोजित कार्यक्रम पार्टी की ‘छात्रों की गूंज’ श्रृंखला का चौथा आयोजन था। इससे पहले राजस्थान के कोटा में 17 जून, उत्तराखंड के देहरादून में 17 जुलाई और उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 8 अगस्त को ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। पार्टी का दावा है कि पुणे के कार्यक्रम को सोशल मीडिया पर भी अच्छी प्रतिक्रिया मिली और कार्यक्रम के कई वीडियो सामने आए।
महाराष्ट्र कांग्रेस के सचिव बीएम संदीप ने कहा कि पुणे का कार्यक्रम प्रयागराज के मुकाबले अधिक सफल रहा। उन्होंने बताया कि राज्य कांग्रेस की टीम नागपुर में अगला कार्यक्रम आयोजित करने को लेकर उत्साहित है और जल्द ही इसकी तारीख तय की जाएगी।
महिला मुद्दों पर राहुल के बयानों को लेकर सियासी घमासान
पुणे कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी द्वारा पितृसत्ता और मनुस्मृति को लेकर की गई टिप्पणियों पर भाजपा नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राहुल गांधी के बयानों की आलोचना की।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आरिफ नसीम खान ने कहा कि राहुल गांधी युवाओं, महिलाओं, किसानों और छोटे उद्योगों से जुड़े मुद्दों को लगातार उठा रहे हैं। उनके मुताबिक, कांग्रेस महिलाओं के आरक्षण की समर्थक रही है और सरकार से इसे जल्द लागू करने की मांग करती रही है।
खान ने दावा किया कि पुणे के कार्यक्रम में 50 हजार से अधिक महिलाओं ने हिस्सा लिया और अपनी चिंताएं राहुल गांधी के साथ साझा कीं। उन्होंने कहा कि नागपुर का कार्यक्रम इससे भी बड़ा होगा और इसमें पूरे विदर्भ क्षेत्र के छात्र शामिल होंगे।
आदिवासी छात्रों के मुद्दे भी उठेंगे
कांग्रेस कार्य समिति की विशेष आमंत्रित सदस्य यशोमती ठाकुर ने कहा कि राहुल गांधी जल्द ही छात्रों की समस्याएं सुनने के लिए नागपुर का दौरा करेंगे। उन्होंने बताया कि पुणे कार्यक्रम के बाद राहुल गांधी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर आदिवासी छात्रों की समस्याओं के समाधान का आग्रह किया था।
ठाकुर के अनुसार, आदिवासी छात्र पिछले करीब 10 दिनों से विभिन्न मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर हैं। उन्होंने कहा कि 22 अगस्त को पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने इन छात्रों से बातचीत की थी।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि नागपुर सम्मेलन में छात्र हितों के साथ-साथ युवाओं, महिलाओं और आदिवासी छात्रों से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाए जाएंगे। पार्टी इसे महाराष्ट्र में अपने जनसंपर्क और संगठनात्मक अभियान को मजबूत करने के अवसर के रूप में भी देख रही है।


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