नमो भारत कॉरिडोर के दौरे पर पहुंचे राज्य मंत्री अजय टम्टा, ऋषिकेश तक विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा
नई दिल्ली/मेरठ। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने शुक्रवार को देश के पहले नमो भारत कॉरिडोर दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ का दौरा किया। उन्होंने नमो भारत ट्रेन में सफर कर यात्रियों की सुविधाओं, मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल का जायजा लिया।
दौरे की शुरुआत सराय काले खां नमो भारत स्टेशन से हुई। यहां एनसीआरटीसी के डायरेक्टर (वर्क्स) के नेतृत्व में अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को 82 किलोमीटर लंबे नमो भारत कॉरिडोर, आधुनिक तकनीक, स्टेशन सुविधाओं, टिकटिंग व्यवस्था और इंटरऑपरेबिलिटी मॉडल की जानकारी दी। सराय काले खां स्टेशन को हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से जोड़ने वाले फुट ओवरब्रिज और यात्रियों के लिए लगाए गए ट्रैवलेटर के बारे में भी बताया गया।
यात्रियों से की बातचीत
राज्य मंत्री ने भारत की पहली नमो भारत ट्रेन से सराय काले खां से मुरादनगर तक यात्रा की। इस दौरान उन्होंने यात्रियों से बातचीत कर ट्रेन में उपलब्ध सुविधाओं और उनके यात्रा अनुभव की जानकारी ली। कॉलेज छात्रों ने बताया कि नमो भारत से उनका रोजाना का सफर तेज और आसान हुआ है तथा यात्रा के समय में भी बचत हो रही है।
एनसीआरटीसी अधिकारियों ने बताया कि नमो भारत कॉरिडोर क्षेत्रीय आवागमन की चुनौतियों को कम करने के साथ यातायात जाम और वाहनों से होने वाले प्रदूषण को घटाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मंत्री ने भविष्य में कॉरिडोर के विस्तार की संभावनाओं की जानकारी ली और मौजूदा कॉरिडोर को उत्तराखंड के ऋषिकेश तक विस्तार देने की संभावना पर भी चर्चा की।
दुहाई डिपो में देखी मेंटेनेंस व्यवस्था
अजय टम्टा ने गाजियाबाद के दुहाई स्थित एनसीआरटीसी डिपो का भी दौरा किया और पौधारोपण किया। अधिकारियों ने उन्हें नमो भारत ट्रेनों की मेंटेनेंस, निरीक्षण, टेस्टिंग और रखरखाव की व्यवस्थाओं से अवगत कराया। उन्होंने ट्रेन ड्राइविंग सिम्युलेटर में आधुनिक प्रशिक्षण प्रणाली का प्रदर्शन भी देखा।
इसके बाद उन्होंने एनसीआरटीसी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ‘अपरिमित’ का दौरा किया। यहां ऑगमेंटेड रियलिटी (AR), वर्चुअल रियलिटी (VR) और सिम्युलेटर जैसी तकनीकों के इस्तेमाल की जानकारी दी गई। मंत्री ने नमो भारत स्टेशन का वर्चुअल वॉकथ्रू भी देखा तथा प्रशिक्षण, परिचालन दक्षता और अनुसंधान एवं विकास में डिजिटल तकनीक के उपयोग को समझा।
राज्य मंत्री ने यात्रियों की सुविधा, बेहतर पहुंच और समावेशी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने के लिए एनसीआरटीसी के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि नमो भारत प्रणाली प्रतिदिन एक लाख से अधिक यात्रियों की आवाजाही को आसान बना रही है। यह दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ के बीच तेज एवं सुविधाजनक कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के साथ क्षेत्र के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
22 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री ने दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के पूरे 82 किलोमीटर हिस्से को राष्ट्र को समर्पित किया था। यह कॉरिडोर दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ के बीच एकीकृत क्षेत्रीय परिवहन व्यवस्था को मजबूत कर रहा है।


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