कृषि विश्वविद्यालय में बनेगी माइक्रो-इरीगेशन डिमॉन्स्ट्रेशन यूनिट, उद्योग से जुड़ेंगे विद्यार्थी
मेरठ । मेरठ के कृषि विश्वविद्यालय के तकनीकी महाविद्यालय में 21 अगस्त को जैन इरीगेशन सिस्टम्स लिमिटेड के स्टेट हेड एवं विश्वविद्यालय में प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस इंजी. रवीन्द्र कुमार के साथ महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में विद्यार्थियों को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप तकनीकी प्रशिक्षण देने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और किसानों को आधुनिक सिंचाई तकनीकों से जोड़ने पर विस्तार से चर्चा हुई।
कार्यक्रम की शुरुआत तकनीकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. जयवीर सिंह द्वारा इंजी. रवीन्द्र कुमार के स्वागत एवं अभिनंदन से हुई। उन्होंने महाविद्यालय में संचालित शैक्षणिक कार्यक्रमों, अनुसंधान गतिविधियों और उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं की जानकारी दी।
संवाद सत्र में संकाय सदस्यों ने विद्यार्थियों के प्लेसमेंट, तकनीकी प्रशिक्षण, उद्योग-केंद्रित व्याख्यान, रोजगारपरक इंटर्नशिप और संयुक्त अनुसंधान की संभावनाओं पर चर्चा की। इस दौरान विद्यार्थियों को सैद्धांतिक शिक्षा के साथ उद्योगों में काम करने का व्यावहारिक अनुभव उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में किसानों और छात्र-छात्राओं के व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ाने के उद्देश्य से जैन इरीगेशन के सीएसआर फंड के माध्यम से विश्वविद्यालय परिसर में अत्याधुनिक माइक्रो-इरीगेशन डिमॉन्स्ट्रेशन यूनिट स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया। इस यूनिट के माध्यम से विद्यार्थियों और किसानों को सूक्ष्म सिंचाई की आधुनिक तकनीकों को प्रत्यक्ष रूप से समझने और उनके व्यावहारिक उपयोग की जानकारी मिल सकेगी।
इसके अलावा आधुनिक कृषि एवं सिंचाई तकनीकों को किसानों, विद्यार्थियों और अन्य हितधारकों तक पहुंचाने के लिए विशेष कार्यशालाएं आयोजित करने पर भी सहमति बनी। विद्यार्थियों को सूक्ष्म सिंचाई और कृषि उत्पाद प्रसंस्करण के क्षेत्र में औद्योगिक अनुभव उपलब्ध कराने की दिशा में भी पहल की जाएगी।


No comments:
Post a Comment