प्याज-चीनी के बढ़ते दामों ने तोड़ी लोगों की कमर
रसोई का बजट बिगड़ा, महंगाई से आम आदमी परेशान — रोजमर्रा की जरूरत की चीजों के दाम बढ़ने से बढ़ा घरेलू खर्च
मेरठ। प्याज और चीनी के लगातार बढ़ते दामों ने आम आदमी की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। रोजाना इस्तेमाल होने वाली इन दोनों वस्तुओं की कीमतों में तेजी से गृहणियों की चिंता बढ़ गई है। पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे परिवारों पर अब प्याज और चीनी की बढ़ती कीमतों का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। बाजार में खरीदारी करने पहुंच रहे लोगों का कहना है कि महीने का राशन जुटाने में पहले की तुलना में अधिक पैसा खर्च हो रहा है।
प्याज ने बढ़ाई रसोई की चिंता
प्याज के दाम बढ़ने का सीधा असर घर की रसोई पर पड़ रहा है। सब्जी, दाल, चटनी और कई अन्य व्यंजनों में इस्तेमाल होने वाली प्याज अब लोगों को सोच-समझकर खरीदनी पड़ रही है। गृहणियों का कहना है कि प्याज की कीमत बढ़ने से रोजाना के भोजन का खर्च भी बढ़ गया है। सीमित आय वाले परिवारों के लिए बढ़ती कीमतों के बीच घर का बजट संतुलित करना मुश्किल हो रहा है।
चीनी की कीमत ने भी बढ़ाया खर्च
चीनी के दाम बढ़ने से चाय और नाश्ते से लेकर मिठाई तक का खर्च प्रभावित हुआ है। जिन परिवारों में रोजाना अधिक मात्रा में चीनी का इस्तेमाल होता है, उनके मासिक राशन का बजट और बढ़ गया है। दुकानदारों के अनुसार थोक बाजार में कीमतों में बदलाव का असर खुदरा बाजार पर भी दिखाई दे रहा है।
आवक और मांग का असर
व्यापारियों का कहना है कि प्याज की कीमतों में तेजी के पीछे आवक में उतार-चढ़ाव और बाजार की मांग प्रमुख कारणों में शामिल हैं। मंडियों में आवक सामान्य होने पर कीमतों में राहत की उम्मीद रहती है, लेकिन फिलहाल उपभोक्ताओं को राहत नहीं मिल पा रही है। चीनी के बाजार में भी कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर खुदरा बिक्री पर पड़ रहा है।
महीने का बजट संभालना हुआ मुश्किल
महंगाई की मार का सबसे ज्यादा असर मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि राशन, सब्जी, दूध और अन्य जरूरी सामान के खर्च के बाद बची रकम लगातार कम हो रही है। प्याज और चीनी जैसी रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम बढ़ने से अब घरेलू बजट में कटौती करनी पड़ रही है।
लोगों ने कीमतों पर नियंत्रण की मांग की
उपभोक्ताओं ने सरकार और संबंधित विभाग से खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों पर निगरानी बढ़ाने और जरूरी वस्तुओं के दाम नियंत्रित करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि रोजमर्रा की जरूरत के सामान की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी पर रोक लगनी चाहिए, ताकि आम परिवारों को कुछ राहत मिल सके।


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