सरूरपुर खुर्द सीएचसी प्रभारी पर गंभीर आरोप, विधायक ने उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग की
प्रसूताओं से अवैध वसूली और कर्मचारियों का वेतन रोकने का आरोप; डीएम-सीएमओ को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग
मेरठ। सरूरपुर खुर्द सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। सिवालखास विधायक गुलाम मोहम्मद ने सीएचसी प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. राघव कुमार पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रसाद को पत्र भेजकर उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग की है।
प्रसूताओं से अवैध वसूली का आरोप
विधायक की ओर से भेजे गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि सीएचसी में प्रसव के दौरान प्रसूताओं और उनके परिजनों से कथित तौर पर अवैध रूप से धन की मांग की जाती है। आरोप है कि गरीब परिवारों को सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलने के बजाय रकम खर्च करने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
इसके अलावा क्षेत्र के ग्राम प्रधान अफजल के साथ कथित अभद्र व्यवहार का भी आरोप लगाया गया है। विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों का पिछले दो माह का वेतन रोके जाने से उन्हें मानसिक और आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जनप्रतिनिधियों ने भी उठाए सवाल
ग्राम प्रधान अफजल ने सीएचसी की व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया कि प्रसव के नाम पर मरीजों के परिजनों से पैसे मांगे जाते हैं। उनका कहना है कि शिकायत करने पर कथित तौर पर उनके साथ भी बदसलूकी की गई।
वहीं, स्थानीय ग्रामीणों ने भी सीएचसी में दवाओं की उपलब्धता और चिकित्सकों की मौजूदगी को लेकर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रसव के दौरान स्टाफ की ओर से पैसे की मांग किए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं।
ब्लॉक प्रमुख मनोज ठाकुर ने भी जननी सुरक्षा योजना के क्रियान्वयन में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए अधिकारियों से शिकायत किए जाने की बात कही है। उनका आरोप है कि गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों को सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।
जांच के बाद कार्रवाई की मांग
विधायक गुलाम मोहम्मद ने डीएम और सीएमओ से पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि शिकायत में लगाए गए आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो संबंधित चिकित्साधिकारी के खिलाफ तत्काल विभागीय और वैधानिक कार्रवाई की जानी चाहिए।
फिलहाल सीएचसी प्रभारी पर लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। डॉ. राघव कुमार या स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन आरोपों पर कोई पक्ष सामने आता है तो वह भी महत्वपूर्ण होगा।


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