‘हाथी को वोट, पुराने साथी को ’: आकाश आनंद के नए नारे से यूपी की सियासत में हलचल

मायावती को पांचवीं बार CM बनाने की अपील, भाजपा-सपा-कांग्रेस पर बरसे; रोजगार, शिक्षा और कानून-व्यवस्था को बनाया चुनावी हथियार

हाथरस। उत्तर प्रदेश की सियासत में विधानसभा चुनाव से पहले बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने अपना अभियान तेज कर दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद ने हाथरस के सादाबाद में कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाजपा सरकार के साथ-साथ कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने रोजगार, शिक्षा, कानून-व्यवस्था और आरक्षण जैसे मुद्दों को केंद्र में रखते हुए बसपा के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की।

आकाश आनंद ने चुनावी अभियान के लिए नया नारा देते हुए कहा, “इस बार वोट हाथी को, अपने पुराने साथी को।” उन्होंने बसपा प्रमुख मायावती को पांचवीं बार उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने की अपील भी की।

‘चार लाख से ज्यादा पद खाली’

आकाश आनंद ने सरकार पर रोजगार के मोर्चे पर विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में चार लाख से अधिक सरकारी पद खाली हैं और कई प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं। उन्होंने सरकारी रोजगार के आंकड़ों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि छोटे-मोटे कामों को भी रोजगार के आंकड़ों में शामिल किया जा रहा है।

शिक्षा-स्वास्थ्य पर सरकार को घेरा

बसपा नेता ने सरकारी स्कूलों और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में सरकारी स्कूल बंद हुए हैं। झांसी मेडिकल कॉलेज में शिशुओं की मौत का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सरकार से जवाब मांगा।

विकास परियोजनाओं की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए आनंद ने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का भी जिक्र किया और इसकी तुलना मायावती सरकार के समय बने यमुना एक्सप्रेसवे से की।

भाजपा के साथ सपा-कांग्रेस भी निशाने पर

आकाश आनंद ने कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा के मुद्दे पर योगी सरकार को घेरा। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ वाली छवि पर तंज कसते हुए अपराध और महिला सुरक्षा की स्थिति पर सवाल उठाए।

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने भाजपा और कांग्रेस को ‘एक ही सिक्के के दो पहलू’ बताया। वहीं, समाजवादी पार्टी के PDA फॉर्मूले पर सवाल उठाते हुए अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा।

युवाओं के सहारे बसपा की वापसी की कोशिश

आकाश आनंद ने युवाओं को अपने अभियान के केंद्र में रखा। उन्होंने Gen-Z प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कहा कि केवल भाषण और प्रदर्शन से व्यवस्था नहीं बदलती। वास्तविक बदलाव के लिए सरकार और सत्ता में बैठे लोगों को बदलना होगा।

उन्होंने कांशीराम और मायावती की राजनीति का उल्लेख करते हुए युवाओं से बहुजन समाज को सत्ता में भागीदारी दिलाने के लिए सक्रिय होने की अपील की।

‘आरक्षण सामाजिक असमानता दूर करने का माध्यम’

आनंद ने कहा कि आरक्षण गरीबी हटाने की योजना नहीं, बल्कि सामाजिक असमानता दूर करने का संवैधानिक माध्यम है। उन्होंने युवाओं से आरक्षण के खिलाफ किए जा रहे कथित प्रचार से सावधान रहने की अपील की।

एक सीट से आगे बढ़ने की चुनौती

पिछले विधानसभा चुनाव में बसपा महज एक सीट पर सिमट गई थी। ऐसे में आगामी चुनाव पार्टी के राजनीतिक अस्तित्व और जनाधार की वापसी के लिहाज से बेहद अहम है। आकाश आनंद की सभाओं में युवाओं की मौजूदगी ने पार्टी में उम्मीद जरूर जगाई है, लेकिन इस भीड़ को वोट में बदलना बसपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी।

अब नजर इस बात पर है कि ‘इस बार वोट हाथी को, अपने पुराने साथी को’ का नारा बसपा के पुराने जनाधार को कितना वापस खींच पाता है और यूपी की चुनावी राजनीति में पार्टी कितनी मजबूत वापसी करती है।

No comments:

Post a Comment

Popular Posts