मेरठ में कांवड़ यात्रा का अनोखा संदेश
कांवड़ में बेटियों को बैठाकर दे रहे ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का संदेश
मेरठ। कांवड़ यात्रा-2026 में इस बार आस्था के साथ सामाजिक संदेश भी देखने को मिल रहे हैं। मेरठ में गुजर रहे अलीगढ़ के खैर तहसील निवासी संजू अपनी पत्नी, बेटी और भांजी के साथ अनोखी कांवड़ यात्रा कर रहे हैं। उनकी अनूठी कांवड़ लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
संजू दो कांवड़ों के साथ यात्रा कर रहे हैं। प्रत्येक कांवड़ के एक ओर एक बच्ची बैठी है, जबकि दूसरी ओर उसके वजन के बराबर गंगाजल रखा गया है। वह एक कांवड़ को कुछ दूरी तक लेकर जाते हैं, फिर वापस लौटकर दूसरी कांवड़ को आगे बढ़ाते हैं। उनकी पत्नी भी इस यात्रा में सहयोग कर रही हैं।
संजू का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल धार्मिक आस्था व्यक्त करना नहीं, बल्कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का संदेश देना भी है। उनका मानना है कि बेटियों का सम्मान और भारतीय संस्कृति का संरक्षण समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष उन्होंने अपनी मां को कांवड़ में बैठाकर हरिद्वार यात्रा कराई थी, जबकि इस बार अपनी बेटी और भांजी के साथ यह यात्रा कर रहे हैं। दोनों बच्चियों ने भी यात्रा को लेकर खुशी जताई।
जहां-जहां से यह अनोखी कांवड़ गुजर रही है, वहां श्रद्धालु और राहगीर रुककर इसे देख रहे हैं और तस्वीरें खींच रहे हैं। संजू का कहना है कि धर्म और संस्कृति की रक्षा के साथ समाज में बेटियों के सम्मान का संदेश पहुंचाना ही उनकी यात्रा का मुख्य उद्देश्य है।


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