केएल इंटरनेशनल स्कूल में गूंजी कृष्ण की नेतृत्व शैली, विद्यार्थियों ने सीखे नेतृत्व के मंत्र

युवा जागरण मिशन के नेतृत्व एवं व्यक्तित्व विकास सत्र में चरित्र निर्माण, आत्म-अनुशासन और राष्ट्र निर्माण पर दिया जोर

मेरठ, लोकसत्य। केएल इंटरनेशनल स्कूल के सभागार में युवा जागरण मिशन (YAM) की ओर से विद्यार्थियों के लिए ‘कृष्ण की नेतृत्व शैली’ विषय पर प्रेरणादायक नेतृत्व एवं व्यक्तित्व विकास सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, नैतिक मूल्यों और सकारात्मक व्यक्तित्व का विकास करना रहा।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि वक्ताओं सुश्री सुरभि शर्मा, सुश्री ज्योति देसवाल और इतिहास शोधकर्ता सुश्री प्रेशा रावत ने भगवान श्रीकृष्ण के नेतृत्व संबंधी गुणों की विस्तार से व्याख्या करते हुए विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। वक्ताओं ने श्रीकृष्ण के नेतृत्व में निर्णय क्षमता, परिस्थितियों के अनुरूप रणनीति बनाने, धैर्य, संवाद कौशल और नैतिक मूल्यों जैसे गुणों को विद्यार्थियों के जीवन से जोड़कर समझाया।

अतिथियों का पौधे भेंट कर स्वागत

कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के वाइस चेयरमैन तेजेंद्र खुराना, डायरेक्टर हरनीत खुराना और प्रधानाचार्य सुधांशु शेखर द्वारा अतिथियों के स्वागत के साथ हुई। अतिथियों को हरे-भरे पौधे भेंट कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।

चरित्र निर्माण और आत्म-अनुशासन पर जोर

वक्ताओं ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए चरित्र निर्माण, नेतृत्व क्षमता, आत्म-अनुशासन, जीवन-मूल्यों और राष्ट्र निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार साझा किए। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में लक्ष्य निर्धारित करने, अनुशासन का पालन करने और अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि सच्चा नेतृत्व केवल दूसरों का मार्गदर्शन करना नहीं, बल्कि अपने आचरण से उदाहरण प्रस्तुत करना है। एक बेहतर नेतृत्वकर्ता स्वयं सही दिशा में आगे बढ़ने के साथ दूसरों को भी प्रेरित करता है। विद्यार्थियों को समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदार भूमिका निभाने का संदेश दिया गया।

प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों ने दिखाई उत्सुकता

कार्यक्रम को अधिक प्रभावी और संवादात्मक बनाने के लिए प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक इसमें भाग लेते हुए वक्ताओं के सामने अपने प्रश्न और विचार रखे। वक्ताओं ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और निरंतर सीखने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम का समापन ‘नया सोचेंगे, बड़ा करेंगे’ के प्रेरक संदेश के साथ हुआ। आयोजकों ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता विकसित करने के साथ उन्हें आत्मविश्वासी, अनुशासित, संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करते हैं।

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