डॉक्टर खुशाली की मौत में दहेज उत्पीड़न के आरोप, पति-ससुर गिरफ्तार

डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए बनाया दबाव, परिवार का दावा- शादी में खर्च किए 60 लाख; थार की मांग को लेकर बढ़ा विवाद

मेरठ, 19 अगस्त। पल्लवपुरम क्षेत्र में आयुर्वेद सेंटर में डॉक्टर खुशाली की फंदे से लटकी मिली लाश के मामले में पुलिस ने उनके पति मयंक और ससुर हरेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। मृतका के पिता की तहरीर पर पति, सास, देवर और देवरानी समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

खुशाली के परिवार ने ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और हत्या का आरोप लगाया है। हालांकि, मामले की वास्तविक परिस्थितियां पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होंगी।

शादी के बाद से ही विवाद का आरोप

पुलिस के अनुसार, पल्लवपुरम थाना क्षेत्र की रॉयल पार्क एक्सटेंशन कॉलोनी निवासी खुशाली ने सुभारती विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंसेज की पढ़ाई की थी। वह कुछ समय बीएसएफ में नौकरी करने के बाद पल्लवपुरम फेस-2 में अपना आयुर्वेद सेंटर चला रही थीं।

परिवार के मुताबिक, खुशाली का रिश्ता मैट्रिमोनियल साइट के जरिए मयंक से हुआ था और करीब दो महीने की बातचीत के बाद दोनों की शादी हुई।

डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए बदला शादी का स्थान

मृतका के पिता जगदेव सिंह का आरोप है कि उन्होंने मेरठ में शादी के लिए मंडप बुक किया था, लेकिन मयंक के परिवार ने डेस्टिनेशन वेडिंग की इच्छा जताई। परिवार के मुताबिक, पहले नैनीताल में शादी कराने की बात हुई, लेकिन स्थान नहीं मिलने पर उत्तराखंड के काशीपुर में विवाह समारोह आयोजित किया गया।

परिवार का दावा है कि शादी में करीब 60 लाख रुपये से अधिक खर्च किए गए। इसके बावजूद शादी से पहले ससुराल पक्ष की ओर से थार वाहन की मांग को लेकर विवाद हुआ। परिवार का आरोप है कि मांग पूरी नहीं होने के बाद दोनों पक्षों के बीच मनमुटाव बढ़ता गया।

खुशाली के नाम पर लोन लेने का भी आरोप

परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि खुशाली के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर उनके नाम पर करीब 14 लोन लिए गए थे। पिता के मुताबिक, करीब एक सप्ताह पहले खुशाली के पास लोन की किस्त जमा नहीं होने संबंधी फोन आया, जिसके बाद उन्हें इस बारे में जानकारी हुई।

परिवार का आरोप है कि खुशाली ने खुद कोई लोन नहीं लिया था और उसके दस्तावेजों का इस्तेमाल उसके पति की ओर से किया गया। पुलिस इस आरोप की भी जांच कर रही है।

क्लीनिक में फंदे से लटका मिला था शव

16 अगस्त की सुबह खुशाली अपने क्लीनिक के लिए घर से निकली थीं। करीब 8:30 बजे उनकी मां ने फोन किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। इसके बाद परिजन क्लीनिक पहुंचे। दरवाजा अंदर से बंद था। दरवाजा तोड़ने पर खुशाली का शव पंखे से फंदे के सहारे लटका मिला।

परिजनों ने उनकी मौत को आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई है। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य जांच के आधार पर मामले की पड़ताल कर रही है।

पति और ससुर जेल भेजे गए

खुशाली के पिता की तहरीर पर पुलिस ने पति मयंक, सास निर्मला, ससुर हरेंद्र सिंह, देवर निशांत और देवरानी प्रीति को नामजद किया है। मामले में बीएनएस की संबंधित धाराओं के साथ दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस ने मंगलवार को मयंक और हरेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। सास निर्मला, देवर निशांत और देवरानी प्रीति की गिरफ्तारी अभी बाकी है। पुलिस सभी आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।

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