ओवरी तक पहुंचा जटिल हर्निया, रोबोटिक सर्जरी से सफल इलाज
दोनों तरफ के कॉम्प्लेक्स बाइलेटरल ग्रोइन हर्निया की रोबोटिक टीएपीपी सर्जरी, मरीज स्वस्थ होकर लौटी सामान्य दिनचर्या में
गाजियाबाद। ग्रोइन के दोनों तरफ बड़े हर्निया और उसमें ओवरी का एक हिस्सा फंस जाने की जटिल स्थिति का एडवांस्ड रोबोटिक सर्जरी के जरिए सफल इलाज किया गया। गाजियाबाद निवासी पूजा गर्ग की स्थिति में ओवरी को नुकसान पहुंचने का खतरा था। चिकित्सकों ने जांच के बाद रोबोटिक बाइलेटरल ट्रांसएब्डॉमिनल प्रीपेरिटोनियल (टीएपीपी) सर्जरी के माध्यम से दोनों हर्निया का सफल उपचार किया। सर्जरी के बाद मरीज तेजी से स्वस्थ हुई और अब सामान्य दिनचर्या में लौट चुकी है।
पूजा के ग्रोइन क्षेत्र के दोनों तरफ बड़े हर्निया पाए गए थे। जांच में सामने आया कि ओवरी का एक हिस्सा भी हर्निया में चला गया था। ऐसे में ओवरी समेत आसपास की संवेदनशील संरचनाओं को सुरक्षित रखते हुए सटीक सर्जरी करना चिकित्सकों के लिए चुनौतीपूर्ण था।
पूरी जांच और सर्जिकल प्लानिंग के बाद दोनों हर्निया के उपचार के लिए रोबोटिक बाइलेटरल टीएपीपी सर्जरी का निर्णय लिया गया। यह मिनिमली इनवेसिव तकनीक है, जिसमें सर्जन को जटिल स्थिति में प्रभावित हिस्से के आसपास अधिक सटीकता से काम करने में मदद मिलती है।
सटीक प्लानिंग से मिली सफलता
पटपड़गंज, नई दिल्ली स्थित मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में रोबोटिक और लैप्रोस्कोपिक सर्जरी के प्रिंसिपल डायरेक्टर डॉ. आशीष गौतम ने बताया कि मरीज का हर्निया काफी जटिल था। ग्रोइन के दोनों तरफ का हिस्सा प्रभावित था और ओवरी का एक हिस्सा हर्निया में चला गया था। उन्होंने बताया कि विस्तृत जांच के बाद दोनों हर्निया की सुरक्षित और सटीक सर्जरी के लिए रोबोटिक बाइलेटरल टीएपीपी तकनीक को चुना गया।
डॉ. गौतम के अनुसार, जटिल हर्निया के मामलों में रोबोटिक सर्जरी सर्जन को अधिक सटीकता के साथ काम करने में मदद करती है। सावधानीपूर्वक जांच और सही सर्जिकल प्लानिंग के साथ इस तकनीक से जटिल हर्निया के उपचार में बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।
सर्जरी के बाद पूजा की रिकवरी अच्छी रही। वह अब स्वस्थ हैं और अपनी सामान्य दिनचर्या में वापस लौट चुकी हैं। यह मामला जटिल हर्निया के उपचार में एडवांस्ड रोबोटिक सर्जरी की भूमिका को भी रेखांकित करता है।
तीन दशक से अधिक का अनुभव
डॉ. आशीष गौतम पटपड़गंज, नई दिल्ली स्थित मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में सीनियर बैरिएट्रिक, रोबोटिक एवं गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सर्जन तथा रोबोटिक और लैप्रोस्कोपिक सर्जरी के प्रिंसिपल डायरेक्टर हैं। उनके पास तीन दशक से अधिक का क्लिनिकल अनुभव है और वह 30,000 से अधिक लैप्रोस्कोपिक सर्जरी कर चुके हैं।
वह रोबोटिक, लैप्रोस्कोपिक, बैरिएट्रिक, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल, कोलोरेक्टल, ट्रॉमा और कॉम्प्लेक्स हर्निया सर्जरी के विशेषज्ञ हैं। उन्हें दा विंची, ह्यूगो आरएएस और वर्सियस—तीनों प्रमुख रोबोटिक प्लेटफॉर्म पर काम करने का अनुभव है। वह अमेरिकन कॉलेज ऑफ सर्जन्स के फेलो हैं और भारत तथा विदेशों में एडवांस्ड सर्जिकल एवं रोबोटिक ट्रेनिंग प्राप्त कर चुके हैं।


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