अंतिम सावन सोमवार पर 1,000 ब्राह्मणों ने किया एक करोड़ ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र जाप

प्रयागराज के सोमेश्वर महादेव मंदिर में श्री मंदिर ऐप ने कराया विशेष महाअनुष्ठान, 1,000 लीटर गंगाजल से हुआ महा रुद्राभिषेक

नई दिल्ली। अंतिम सावन सोमवार के अवसर पर श्री मंदिर ऐप की ओर से प्रयागराज स्थित श्री सोमेश्वर महादेव मंदिर में विशेष महापूजा का आयोजन किया गया। इस दौरान 1,000 ब्राह्मणों ने सामूहिक रूप से एक करोड़ बार ‘ॐ नमः शिवाय’ पंचाक्षरी मंत्र का जाप किया। भगवान शिव का 1,000 लीटर गंगाजल से महा रुद्राभिषेक भी किया गया। आयोजन से भारत और विदेशों के 25 हजार से अधिक श्रद्धालु जुड़े।

श्री मंदिर ऐप के अनुसार, यह पहली बार है जब उसके द्वारा इतने बड़े स्तर पर एक ही मंदिर में महापूजा का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने देश के विभिन्न हिस्सों के साथ विदेशों से भी इस विशेष पूजा में सहभागिता की। सोमेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से विधि-विधान से पूजा-अर्चना कराई गई।

वैदिक विधि से हुआ अनुष्ठान

महापूजा के दौरान एक करोड़ मंत्र जाप और 1,000 लीटर गंगाजल से महा रुद्राभिषेक के साथ भगवान शिव को 108 बिल्व पत्र अर्पित किए गए। इसके अलावा भस्म अभिषेक और धतूरा-बेलपत्र भी अर्पित किए गए। आयोजन पारंपरिक वैदिक विधि-विधान के अनुसार संपन्न कराया गया।

इस पूजा में महाराष्ट्र से सबसे अधिक 23 प्रतिशत श्रद्धालुओं की भागीदारी रही। इसके बाद कर्नाटक से 12 प्रतिशत और दिल्ली से 10 प्रतिशत श्रद्धालु जुड़े। तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, गुजरात और पश्चिम बंगाल समेत अन्य राज्यों से भी श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।

देश-विदेश के श्रद्धालुओं को जोड़ा

श्री मंदिर ऐप के संस्थापक एवं सीईओ प्रशांत सचान ने कहा कि अंतिम सावन सोमवार शिव भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। आयोजन का उद्देश्य दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले श्रद्धालुओं को सोमेश्वर महादेव मंदिर में होने वाली विशेष पूजा से जोड़ना था। उन्होंने कहा कि सावन के महत्वपूर्ण अवसर पर इस तरह का आयोजन उनके लिए विशेष रूप से सार्थक रहा।

धार्मिक मान्यताओं से जुड़ा है सोमेश्वर महादेव मंदिर

श्री सोमेश्वर महादेव मंदिर को सोमेश्वर नाथ मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। यह प्रयागराज के प्रमुख शिव मंदिरों में शामिल है। मंदिर से जुड़ी मान्यता के अनुसार, दक्ष प्रजापति के श्राप के बाद चंद्र देव ने यहां भगवान शिव की आराधना की थी और उन्हें कष्ट से मुक्ति मिली थी। मंदिर का संबंध एकादश रुद्रों से भी माना जाता है।

श्री मंदिर ऐप के मुताबिक, अंतिम सावन सोमवार पर आयोजित यह महापूजा उसके अब तक के सबसे बड़े आयोजनों में शामिल रही। इसके माध्यम से अलग-अलग स्थानों पर रहने वाले श्रद्धालुओं को एक ही मंदिर में आयोजित विशेष पूजा से जोड़ा गया, जबकि पूजा, अर्पण और अन्य धार्मिक अनुष्ठान मंदिर के पुजारियों ने पारंपरिक विधि-विधान से संपन्न किए।

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