बंद स्कूल, खाली पद और बदहाल किसान...विधानसभा सत्र से पहले अखिलेश का सरकार पर हमला

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार से शुरू होने से पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर योगी सरकार पर शिक्षा, किसान, रोजगार, आरक्षण, पेपर लीक और विकास परियोजनाओं समेत कई मुद्दों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सपा विधायक विधानसभा में सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरेंगे।

अखिलेश यादव ने किसानों की समस्याओं और खाद की कथित किल्लत का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पहले खाद की बोरी में चोरी की शिकायतें आती थीं, लेकिन अब पूरी बोरी ही गायब होने की स्थिति है। उन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) समेत किसानों से जुड़े कई मुद्दों को विधानसभा में उठाने की बात कही।

26 हजार से अधिक स्कूल बंद होने का दावा

सपा प्रमुख ने दावा किया कि भाजपा सरकार के करीब दस वर्षों के कार्यकाल में प्रदेश में 26,386 स्कूल बंद हुए हैं। उन्होंने कहा कि सपा सरकार के समय उत्तर प्रदेश में 1,13,938 स्कूल थे, जबकि 2026 में इनकी संख्या करीब 26 हजार कम हो गई है। सपा ने इस मुद्दे को लेकर एक बुकलेट भी जारी की है।

अखिलेश ने दावा किया कि सबसे अधिक प्राथमिक स्कूल लखीमपुर खीरी में बंद हुए हैं, जबकि गोरखपुर में करीब 500 प्राथमिक स्कूल बंद किए गए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भी स्कूल बंद होने का दावा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा द्वारा आंकड़े जुटाए जाने के दौरान सरकारी वेबसाइट बंद कर दी गई।

‘PDA समाज के बच्चों की संख्या घटी’

अखिलेश यादव ने सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या में कमी का दावा करते हुए कहा कि 2017 तक करीब 1.17 करोड़ बच्चे सरकारी प्राथमिक स्कूलों में पढ़ रहे थे, जो 2026 में घटकर करीब 89 लाख रह गए हैं। उनके अनुसार करीब 28 लाख बच्चों की संख्या कम हुई है, जिनमें बड़ी संख्या OBC, SC और ST वर्ग के बच्चों की है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार नहीं चाहती कि PDA समाज के बच्चे शिक्षित हों। हालांकि, ये दावे सपा अध्यक्ष द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताए गए आंकड़ों पर आधारित हैं।

शिक्षकों के पद खाली होने का आरोप

शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाते हुए अखिलेश ने कहा कि 2017 में प्रदेश के सरकारी स्कूलों में करीब चार लाख शिक्षक थे, जबकि वर्तमान में यह संख्या घटकर करीब 3.40 लाख रह गई है। उन्होंने दावा किया कि करीब 1.40 लाख शिक्षक पद खाली हैं और सरकार इन पर भर्ती नहीं कर रही है।

उन्होंने छात्राओं की संख्या में कमी का भी दावा किया। अखिलेश के अनुसार पहले सरकारी स्कूलों में करीब 61 लाख बेटियां पढ़ती थीं, जबकि अब यह संख्या करीब 45 लाख रह गई है।

स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं पर सवाल

अखिलेश यादव ने सरकारी स्कूलों में सुविधाओं को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के करीब 7,000 स्कूलों में बिजली नहीं है, जबकि 2,300 स्कूलों में छात्राओं के लिए शौचालय की सुविधा नहीं है। इसके अलावा 576 स्कूलों में पेयजल उपलब्ध नहीं होने और करीब 23 हजार स्कूलों में कंप्यूटर नहीं होने का भी दावा किया।

जौहर विश्वविद्यालय समेत कई मुद्दे उठाने की तैयारी

सपा प्रमुख ने जौहर विश्वविद्यालय को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के इरादे शुरू से ही विश्वविद्यालय को लेकर ठीक नहीं रहे हैं। इसके अलावा सपा विधानसभा में एक्सप्रेसवे निर्माण में कथित भ्रष्टाचार, राम मंदिर चढ़ावा चोरी, E20, नौकरी, आरक्षण और पेपर लीक जैसे मुद्दे भी उठाएगी।

अखिलेश यादव ने कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान सपा के सभी विधायक इन मुद्दों को मजबूती से उठाएंगे। उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में मौजूदा संकटों के लिए भाजपा जिम्मेदार है और सरकार को सदन में जवाब देना होगा।

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