दस साल बाद चीनी आयात करेगा भारत, बढ़ती कीमतों पर मोदी सरकार का बड़ा फैसला
10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात को मंजूरी, त्योहारी सीजन से पहले कीमतों पर लगाम लगाने की कोशिश
नई दिल्ली। देश में चीनी की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र की मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। करीब दस साल बाद भारत चीनी का आयात करने जा रहा है। सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात को मंजूरी दी है। इसका मकसद घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ाकर बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाना है।
सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब घरेलू बाजार में चीनी के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। आने वाले त्योहारी सीजन में मांग बढ़ने की संभावना को देखते हुए सरकार ने समय रहते आपूर्ति मजबूत करने का निर्णय लिया है।
31 अक्टूबर तक आयात की अनुमति
सरकार की ओर से जारी फैसले के तहत 10 लाख टन कच्ची चीनी का आयात शुल्क-मुक्त किया जाएगा। आयात की अनुमति 31 अक्टूबर 2026 तक रहेगी। सरकार का मानना है कि अतिरिक्त चीनी बाजार में आने से उपलब्धता बढ़ेगी और कीमतों पर दबाव कम होगा।
रिफाइंड चीनी की आपूर्ति भी बढ़ेगी
आयातित कच्ची चीनी को देश में रिफाइन कर घरेलू बाजार में उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इससे बाजार में रिफाइंड चीनी की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य त्योहारों के दौरान उपभोक्ताओं को पर्याप्त मात्रा में चीनी उपलब्ध कराना है।
कीमतों में तेजी से सरकार चिंतित
पिछले कुछ समय में चीनी की कीमतों में उल्लेखनीय तेजी देखने को मिली है। घरेलू उत्पादन और उपलब्ध स्टॉक पर दबाव के बीच त्योहारी मांग बढ़ने की आशंका ने सरकार की चिंता बढ़ाई है। इसी को देखते हुए सरकार ने आयात का फैसला लिया है।
भारत दुनिया के प्रमुख चीनी उत्पादक देशों में शामिल है। ऐसे में करीब एक दशक बाद चीनी का आयात किया जाना बाजार की मौजूदा स्थिति को देखते हुए सरकार के महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा रहा है। सरकार को उम्मीद है कि अतिरिक्त आपूर्ति से आने वाले दिनों में चीनी की कीमतों को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।


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