दो युवकों की हत्या कर मंदिर परिसर में दफनाए शव

19 दिन से लापता थे दोनों दोस्त, शिष्यों ने कबूला गुनाह; महंत फरार, पुलिस ने रात तीन बजे खुदाई कर बरामद किए शव

बागपत। चांदीनगर थाना क्षेत्र के सिगोली तगा गांव में 19 दिन से लापता दो दोस्तों की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि गणेश मंदिर के महंत ने दोनों युवकों की हत्या करने के बाद शव मंदिर परिसर में ही दफना दिए। पुलिस ने गुरुवार तड़के करीब तीन बजे मंदिर परिसर में खुदाई कर दोनों शव बरामद कर लिए। पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी महंत अपने बेटे के साथ फरार हो गया। वहीं, उसके दो शिष्यों को हिरासत में लिया गया है।

मृतकों की पहचान अंकित (25) और इसरार (32) के रूप में हुई है। दोनों के शव काफी सड़ चुके थे। कपड़ों और घड़ी के आधार पर परिजनों ने उनकी पहचान की। पुलिस ने दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए बागपत जिला अस्पताल भेज दिए हैं।

बहन से संबंध को लेकर हुआ था विवाद

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि अंकित की बहन के मंदिर के महंत नरेश नाथ से कथित संबंध थे। परिवार के लोग महंत को कई बार समझा चुके थे। बताया गया है कि 25 जुलाई को अंकित अपने दोस्त इसरार के साथ महंत को समझाने के लिए मंदिर गया था। इसी दौरान विवाद बढ़ गया।

आरोप है कि महंत ने दोनों की हत्या कर दी और अपने शिष्यों की मदद से मंदिर के पीछे शव दफना दिए। इसके बाद शवों के ऊपर टाइल्स लगाकर स्थान को ढक दिया गया।

25 जुलाई को बाइक से निकले थे दोनों

अंकित अपनी मां और पांच बहनों के साथ सिगोली तगा गांव में रहता था। वह दिव्यांग था और कोई काम नहीं करता था। उसके घर के सामने ही इसरार का मकान है। दोनों में दोस्ती थी। इसरार मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता था। उसके परिवार में पत्नी फिरदौस और तीन बच्चे हैं।

इसरार के पिता रिड़कू के मुताबिक, 25 जुलाई की दोपहर दोनों दोस्त बाइक से घर से निकले थे। अगले दिन तक वापस नहीं लौटे तो परिवार ने तलाश शुरू की। दोनों के मोबाइल पर फोन किया गया, लेकिन किसी ने कॉल रिसीव नहीं की। 27 जुलाई की शाम से दोनों के मोबाइल बंद हो गए। इसके बाद 29 जुलाई को चांदीनगर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई।

परिजनों का कहना है कि कई दिनों तक दोनों का पता नहीं चला तो पुलिस से दोबारा संपर्क किया गया। इसके बाद पुलिस ने जांच तेज की।

कॉल डिटेल और आखिरी लोकेशन से मंदिर तक पहुंची पुलिस

पुलिस ने दोनों के मोबाइल की कॉल डिटेल, आखिरी लोकेशन और ग्रामीणों से पूछताछ की। जांच में सामने आया कि दोनों को आखिरी बार लहचौड़ा स्थित गणेश मंदिर के आसपास देखा गया था। इसके बाद पुलिस की जांच महंत नरेश नाथ तक पहुंची।

पुलिस को अंकित की बहन और महंत के कथित संबंधों के बारे में भी जानकारी मिली। बुधवार रात पुलिस ने मंदिर में दबिश दी। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले ही महंत नरेश नाथ अपने बेटे के साथ मौके से भाग गया।

पूछताछ में टूटे शिष्य, बताई शव दफनाने की जगह

पुलिस को मंदिर में महंत के दो शिष्य कृष्ण यादव और उज्जवल मिले। पुलिस ने दोनों से पूछताछ की। शुरुआती पूछताछ में दोनों ने जानकारी छिपाने की कोशिश की, लेकिन बाद में उन्होंने कथित तौर पर हत्या और शव दफनाने की बात स्वीकार कर ली।

शिष्यों की निशानदेही पर पुलिस ने रात करीब तीन बजे मंदिर परिसर में खुदाई कराई। खुदाई के दौरान दोनों शव बरामद किए गए। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं।

छह महीने पहले तक गांव में रहता था महंत

इसरार के भाई फरीद के मुताबिक, महंत नरेश नाथ मूल रूप से उत्तराखंड का रहने वाला है। करीब छह महीने पहले तक वह सिगोली तगा गांव में अंकित के पड़ोस में किराये के मकान में रहता था। अंकित की बहन से संबंधों की बात सामने आने के बाद विवाद हुआ तो महंत अपने शिष्यों के साथ मंदिर परिसर में रहने लगा था।

मंदिर और आसपास के सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस

चांदीनगर थाना प्रभारी राकेश कुमार ने बताया कि 25 जुलाई से लापता दोनों युवकों के शव गणेश मंदिर परिसर में दफन मिले हैं। खुदाई कराकर शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की वजह और हत्या के तरीके की पुष्टि होगी।

उन्होंने बताया कि हत्या का आरोपी महंत फरार है, जबकि उसके दो शिष्यों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मंदिर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। महंत की तलाश में पुलिस टीमें लगाई गई हैं।

इसरार के पीछे पत्नी और तीन बच्चे

इसरार मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता था। उसकी पत्नी फिरदौस और तीन बच्चे हैं। बेटी इसरा छह साल, बेटा आयान पांच साल और फैजान तीन साल का है। इसरार की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा है।

वहीं, अंकित पांच बहनों में इकलौता भाई था। वह अविवाहित और बेरोजगार था। उसकी दो बहनों की शादी हो चुकी है।

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