आसमान से कांवड़ रूट पर ATS की पैनी नजर, रात में भी नहीं छिपेगी कोई हरकत

टीथर्ड ड्रोन टीम ने संभाला मोर्चा, 24 घंटे होगी निगरानी; 21 से ज्यादा वॉच टावर भी सक्रिय

मेरठ। कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है। रविवार से आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) की विशेष ड्रोन टीम ने भी मेरठ कांवड़ मार्ग पर मोर्चा संभाल लिया है। लखनऊ से पहुंची एटीएस की टीम अत्याधुनिक टीथर्ड ड्रोन के माध्यम से कांवड़ मार्ग और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों पर चौबीसों घंटे नजर रख रही है।

टीथर्ड ड्रोन की खासियत यह है कि यह दिन के साथ-साथ रात के अंधेरे में भी करीब एक किलोमीटर के दायरे में गतिविधियों पर नजर रख सकता है। इससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी पुलिस और खुफिया एजेंसियों को तत्काल मिल सकेगी और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी।

72 घंटे तक लगातार उड़ान की क्षमता

टीथर्ड ड्रोन सामान्य ड्रोन से अलग होता है। यह मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय सीमाओं और अति संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी में इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसकी मदद से करीब 50 मीटर की ऊंचाई से इलाके की बारीकी से निगरानी की जा सकती है। ड्रोन में अत्याधुनिक कैमरे और 10X ऑप्टिकल जूम की सुविधा है।

इसकी लाइव वीडियो और रिकॉर्ड की गई फुटेज एटीएस तथा स्थानीय पुलिस को रियल टाइम इनपुट उपलब्ध कराती है। ड्रोन करीब 72 घंटे तक लगातार उड़ान भरने में सक्षम है, जिससे लंबे समय तक निगरानी में किसी तरह का व्यवधान नहीं आता।

केबल से मिलती है लगातार बिजली

टीथर्ड ड्रोन की सबसे बड़ी विशेषता इसका जमीन से जुड़ा होना है। सामान्य ड्रोन की तरह यह केवल बैटरी पर निर्भर नहीं रहता। जमीन से रस्सीनुमा केबल के जरिए इसे लगातार बिजली की आपूर्ति की जाती है। इसी वजह से यह लंबे समय तक एक स्थान पर हवा में स्थिर रहकर निगरानी कर सकता है।

सीसीटीवी और एएनपीआर के साथ बढ़ी निगरानी

कांवड़ यात्रा को लेकर पहले से ही कांवड़ मार्ग पर सीसीटीवी कैमरे, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग, एएनपीआर कैमरे और कंट्रोल रूम सक्रिय हैं। अब एटीएस के टीथर्ड ड्रोन के जुड़ने से सुरक्षा व्यवस्था को तकनीकी रूप से और मजबूत किया गया है।

ड्रोन से मिलने वाले इनपुट पर एटीएस, स्थानीय पुलिस और कंट्रोल रूम की टीमें लगातार नजर रख रही हैं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर संबंधित टीमों को तत्काल अलर्ट किया जा सकेगा।

दूसरे जिलों से भी पहुंची पुलिस फोर्स

कांवड़ यात्रा की सुरक्षा के लिए मेरठ में दूसरे जनपदों से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है। कांवड़ मार्ग की 24 घंटे निगरानी की जा रही है। इसके साथ ही आरआरएफ को भी महत्वपूर्ण स्थानों पर तैनात किया गया है। करीब चार से पांच प्रमुख स्थानों पर आरआरएफ के जवान मुस्तैद हैं।

21 से ज्यादा वॉच टावरों से निगरानी

कांवड़ मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था के तहत कई स्थानों पर वॉच टावर भी सक्रिय किए गए हैं। रेंज में 21 से ज्यादा वॉच टावर बनाए गए हैं। इनमें सबसे अधिक वॉच टावर हापुड़ जनपद में हैं।

मेरठ में रुड़की रोड पर मोदीपुरम के पास भी वॉच टावर बनाया गया है। यहां पुलिसकर्मी हाईटेक बाइनोकुलर के साथ लगातार निगरानी कर रहे हैं। जमीन से लेकर आसमान तक सुरक्षा का यह बहुस्तरीय घेरा कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए तैयार किया गया है।

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