नशीली और एक्सपायरी दवाओं की बिक्री पर सख्ती
कांवड़ यात्रा के दौरान मेडिकल स्टोर और हेल्थ कैंप की होगी जांच, बिना पर्चे नहीं मिलेंगी नशे की लत वाली दवाएं
मेरठ। सावन माह और कांवड़ यात्रा के मद्देनजर औषधि विभाग ने दवाओं की बिक्री और गुणवत्ता को लेकर सख्ती शुरू कर दी है। कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित मेडिकल स्टोरों की नियमित निगरानी के साथ ही हेल्थ कैंप में भी दवाओं की जांच की जाएगी। विभाग ने नशीली दवाओं की बिक्री बिना चिकित्सकीय पर्चे के करने और एक्सपायरी दवाएं बेचने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
मेरठ मंडल के सहायक आयुक्त औषधि अरविंद कुमार गुप्ता ने बताया कि मंडल के छह जनपदों के औषधि निरीक्षकों को कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित सभी मेडिकल स्टोरों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान दवाओं की उपलब्धता, गुणवत्ता और बिक्री संबंधी नियमों की जांच की जाएगी।
बिना प्रिस्क्रिप्शन नहीं मिलेगी नशीली दवा
औषधि विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसी दवाएं, जिनके सेवन से नशे की लत लगने की आशंका रहती है, बिना वैध चिकित्सकीय पर्चे के नहीं बेची जाएंगी। मेडिकल स्टोर संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि डॉक्टर के उचित प्रिस्क्रिप्शन के आधार पर ही संबंधित दवा उपलब्ध कराएं।
एक्सपायरी दवाओं की बिक्री पर रोक
मेडिकल स्टोर संचालकों को किसी भी स्थिति में एक्सपायरी दवाओं की बिक्री नहीं करने की हिदायत दी गई है। ग्राहक को दवा देने से पहले उसकी एक्सपायरी तिथि और गुणवत्ता की जांच करना अनिवार्य होगा। विभाग की टीमें इस संबंध में मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण भी करेंगी।
मेडिकल स्टोर संचालक नहीं देंगे चिकित्सकीय सलाह
सहायक आयुक्त ने मेडिकल स्टोर संचालकों को निर्देश दिए हैं कि वे अपनी ओर से मरीजों को दवा लिखने या चिकित्सकीय परामर्श देने का प्रयास न करें। दवा केवल डॉक्टर के पर्चे के आधार पर ही उपलब्ध कराई जाए।
नियम तोड़े तो होगी कड़ी कार्रवाई
कांवड़ यात्रा के दौरान दवाओं की बिक्री और गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए औषधि विभाग विशेष अभियान चलाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले मेडिकल स्टोर संचालकों के खिलाफ औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।


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