स्कूटी से आसान होगी बेटियों की उच्च शिक्षा की राह, 390 छात्राओं का सत्यापन पूरा

आज अनुपस्थित छात्राओं को भी मिलेगा मौका, 345 छात्राओं को बुलाया गया

मेरठ। प्रदेश की बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई योगी सरकार की रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत सत्यापन प्रक्रिया जारी है। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से संबद्ध छह जिलों की पहले चरण में पात्र 1145 छात्राओं में से बुधवार को 390 छात्राओं ने विश्वविद्यालय परिसर पहुंचकर अपने प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराया। पहले चरण में 800 छात्राओं को सत्यापन के लिए बुलाया गया था।

विश्वविद्यालय परिसर में गुरुवार को भी सत्यापन प्रक्रिया जारी रहेगी। बुधवार को किसी कारणवश सत्यापन के लिए नहीं पहुंच सकीं छात्राओं को भी गुरुवार को अवसर दिया जाएगा। गुरुवार को 345 छात्राओं को बुलाया गया है। ऐसे में पहले दिन अनुपस्थित छात्राओं के पहुंचने से सत्यापन कराने वाली छात्राओं की संख्या बढ़ सकती है।

उच्च शिक्षा की राह आसान बनाएगी स्कूटी

योजना का उद्देश्य मेधावी छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के साथ उनके आवागमन को आसान बनाना है। स्कूटी मिलने से छात्राओं को कॉलेज और विश्वविद्यालय आने-जाने में सुविधा होगी। विशेष रूप से दूर-दराज के क्षेत्रों से उच्च शिक्षा के लिए आने वाली छात्राओं को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।

सत्यापन के लिए मूल अंकपत्र जरूरी

विश्वविद्यालय ने छात्राओं से सत्यापन के दौरान मूल अंकपत्र साथ लाने को कहा है। बुधवार को कुछ छात्राएं इंटरनेट से प्राप्त अंकपत्र लेकर पहुंचीं, लेकिन विश्वविद्यालय की ओर से स्पष्ट किया गया कि सत्यापन के लिए मूल अंकपत्र आवश्यक है और उसमें परिणाम पूरी तरह स्पष्ट होना चाहिए।

योजना का लाभ निर्धारित पात्रता पूरी करने वाली छात्राओं को ही मिलेगा। दूसरे राज्य की निवासी तथा 12 लाख रुपये से अधिक वार्षिक पारिवारिक आय वाली छात्राएं योजना के लिए पात्र नहीं होंगी।

शहीद, दिव्यांग और निराश्रित छात्राओं के लिए विशेष प्रावधान

योजना में शहीद, दिव्यांग और निराश्रित वर्ग की छात्राओं के लिए भी विशेष प्रावधान किया गया है। निर्धारित अंक सीमा में आने वाली इन वर्गों की छात्राएं आवश्यक शर्तें पूरी करने पर योजना के लिए पात्र हो सकती हैं। इसके लिए जिलाधिकारी कार्यालय से जारी संबंधित प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।

दिव्यांग श्रेणी में 80 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाली छात्राओं का आवेदन मान्य होगा। साथ ही छात्रा का स्कूटी चलाने में सक्षम होना जरूरी है। निराश्रित श्रेणी में माता या पिता में से किसी एक की मृत्यु होने और परिवार में कमाने वाला सदस्य न होने की स्थिति को शामिल किया गया है।

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