मेरठ में बनेगा देश का पहला मानवरहित विमान व ड्रोन रनवे, 371 करोड़ का टेंडर जारी
सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के लिए होगा निर्माण, मध्यम श्रेणी के सैन्य परिवहन विमान भी कर सकेंगे संचालन
मेरठ। सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए मेरठ में देश का पहला मानवरहित विमान और ड्रोन रनवे बनाया जाएगा। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की ओर से 371.15 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट का टेंडर जारी कर दिया गया है। टेंडर जमा करने की अंतिम तिथि 25 सितंबर निर्धारित की गई है, जबकि 26 सितंबर को टेंडर खोला जाएगा।
यह परियोजना ‘प्रोजेक्ट शिवालिक’ के तहत तैयार की जा रही है। चयनित कार्यदायी एजेंसी को सात महीने में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करनी होगी। डीपीआर स्वीकृत होने के बाद निर्माण कार्य 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद 24 महीने की डिफेक्ट लायबिलिटी और 36 महीने रखरखाव एवं निगरानी की अवधि निर्धारित की गई है।
900 एकड़ जमीन पर बनेगा रनवे
रनवे के निर्माण के लिए किला रोड स्थित पैरामिलिट्री फार्म की करीब 900 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है। टेंडर के अनुसार यहां 2,110 मीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ा रनवे बनाया जाएगा। यह केवल ड्रोन संचालन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सी-295 और सी-130 जैसे मध्यम श्रेणी के ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट को भी संभालने में सक्षम होगा।
विमानों और ड्रोन के लिए बेस पर 60 मीटर चौड़े और 50 मीटर लंबे दो हैंगर भी बनाए जाएंगे। परियोजना के पूरा होने के बाद आपदा राहत, आपातकालीन संचालन और सुरक्षा संबंधी गतिविधियों के लिए इस रनवे का उपयोग किया जा सकेगा।
25 सितंबर तक जमा होंगे टेंडर
बीआरओ के अतिरिक्त महानिदेशक (उत्तर-पश्चिम), चंडीगढ़ कार्यालय स्तर से जारी टेंडर में एयरफील्ड या रक्षा क्षेत्र से जुड़े कार्यों का अनुभव रखने वाली एजेंसियों को प्राथमिकता दी गई है। संबंधित एजेंसी के पास सेना की देखरेख में परियोजनाएं संचालित करने की क्षमता भी होनी आवश्यक है।
परियोजना के पूरा होने के बाद मेरठ में ड्रोन और मानवरहित विमानों के संचालन के लिए महत्वपूर्ण आधारभूत ढांचा तैयार होगा। साथ ही मध्यम श्रेणी के परिवहन विमानों के संचालन की सुविधा मिलने से सुरक्षा और आपदा प्रबंधन क्षमता को भी मजबूती मिलेगी।


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