जन्माष्टमी पर मेरठ परिक्षेत्र में कड़ा पहरा, 3500 पुलिसकर्मी संभालेंगे सुरक्षा की कमान
104 शोभायात्राओं और 303 मंदिरों में होंगे कार्यक्रम; 24 जोन, 81 सेक्टर और 60 क्यूआरटी तैनात
मेरठ। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पर्व को सकुशल और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए मेरठ परिक्षेत्र में व्यापक पुलिस प्रबंध किए गए हैं। 4 सितंबर को होने वाले जन्माष्टमी पर्व और इसके बाद कई दिनों तक चलने वाले मेले, झांकियों व शोभायात्राओं को देखते हुए 3500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। पुलिस उपमहानिरीक्षक मेरठ परिक्षेत्र कलानिधि नैथानी ने सभी जनपद प्रभारियों को सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
मेरठ परिक्षेत्र के मेरठ, बुलंदशहर, बागपत और हापुड़ में 104 शोभायात्राएं प्रस्तावित हैं। इनमें मेरठ में 14, बुलंदशहर में 36, बागपत में 28 और हापुड़ में 26 शोभायात्राएं शामिल हैं। शोभायात्रा मार्गों पर 39 संवेदनशील स्थान चिन्हित किए गए हैं।
303 मंदिरों में जन्माष्टमी कार्यक्रम
जन्माष्टमी के अवसर पर परिक्षेत्र के 303 मंदिरों में कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। मेरठ में 186, बुलंदशहर में 44, बागपत में 35 और हापुड़ में 38 मंदिरों में आयोजन होंगे। इसके अलावा 28 अन्य कार्यक्रम और भंडारे भी आयोजित किए जाएंगे।
24 जोन, 81 सेक्टर और 60 क्यूआरटी
कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे परिक्षेत्र को 24 जोन और 81 सेक्टर में बांटा गया है। आपात स्थिति से निपटने के लिए 60 क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) भी तैनात रहेंगी। सुरक्षा व्यवस्था में 6 अपर पुलिस अधीक्षक, 25 क्षेत्राधिकारी, 86 निरीक्षक, 635 उपनिरीक्षक, 1022 मुख्य आरक्षी, 1270 आरक्षी तथा 440 होमगार्ड/पीआरडी जवानों के साथ एक कंपनी पीएसी को लगाया गया है।
83 एंटी रोमियो स्क्वॉड सक्रिय
महिलाओं की सुरक्षा और छेड़छाड़ की घटनाओं पर प्रभावी रोकथाम के लिए 83 एंटी रोमियो स्क्वॉड सक्रिय किए गए हैं। मेरठ में 32, बुलंदशहर में 28, बागपत में 12 और हापुड़ में 11 स्क्वॉड तैनात रहेंगे।
मटकी फोड़ कार्यक्रमों पर विशेष निगरानी
मटकी फोड़ कार्यक्रमों में सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के साथ आयोजकों से जाल और अन्य सुरक्षा उपाय कराने के निर्देश दिए गए हैं। मंदिरों में महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों की पर्याप्त ड्यूटी लगाने तथा भीड़ के अनुसार बैरिकेडिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
शोभायात्रा मार्गों और संवेदनशील क्षेत्रों की होगी निगरानी
पुलिस अधिकारियों को शोभायात्रा के मार्गों का पहले से निरीक्षण करने, ढीले विद्युत तारों को विद्युत विभाग के सहयोग से ठीक कराने और संभावित विवादों का समय रहते समाधान कराने के निर्देश दिए गए हैं। मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।
पुलिस ने आयोजकों से सभी प्रमुख कार्यक्रमों को यथासंभव सीसीटीवी की निगरानी में रखने और मेलों, झांकियों व अन्य आयोजनों की वीडियोग्राफी कराने को कहा है।
118 पीस कमेटी और 106 आयोजकों के साथ बैठकें
साम्प्रदायिक सौहार्द और कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस ने अब तक पीस कमेटी, धर्मगुरुओं, शांति समितियों और संभ्रांत नागरिकों के साथ 118 बैठकें की हैं। नगर निगम, स्वास्थ्य, विद्युत सहित अन्य विभागों के साथ 108 तथा आयोजनकर्ताओं और संचालकों के साथ 106 बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं।
अफवाह और सोशल मीडिया पर रहेगी पैनी नजर
पुलिस को सोशल मीडिया पर भ्रामक और आपत्तिजनक पोस्ट पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने या अफवाह फैलाने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ निष्पक्ष वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। किसी भी छोटी सूचना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी नई या विवादित परंपरा को अनुमति न दी जाए। भीड़ वाले क्षेत्रों में महिलाओं की सुरक्षा, झपटमारी और छेड़छाड़ जैसी घटनाओं की रोकथाम के लिए पर्याप्त पुलिस बल और पिकेट तैनात किए जाएंगे।
जन्माष्टमी के दौरान संभावित भीड़ और यातायात दबाव को देखते हुए रूट डायवर्जन की स्थिति में वैकल्पिक मार्गों का पहले से निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं के साथ आम नागरिकों को भी परेशानी न हो।


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