आईआईएमटी में दीक्षारम्भ: एमबीए विद्यार्थियों से बोले- नौकरी तलाशने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें

स्कूल ऑफ कॉमर्स एंड मैनेजमेंट में नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत; नवाचार, उद्यमशीलता और व्यावहारिक ज्ञान पर दिया जोर

मेरठ। आईआईएमटी विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ कॉमर्स एंड मैनेजमेंट के एमबीए विभाग में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए दीक्षारम्भ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां शारदा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के साथ व्यावहारिक ज्ञान, नवाचार और उद्यमशीलता के महत्व से अवगत कराया गया।

विश्वविद्यालय के कुलाधिपति योगेश मोहनजी गुप्ता ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें अपने लक्ष्य के प्रति स्पष्ट दृष्टिकोण रखते हुए निरंतर सीखने की आदत विकसित करनी चाहिए। आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को अपने ज्ञान, कौशल और व्यक्तित्व का लगातार विकास करना होगा। सकारात्मक सोच और सही दिशा में मेहनत के माध्यम से वे अपने भविष्य को बेहतर बना सकते हैं।

केस आधारित शिक्षा पर जोर

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एस. रविचंद्रन ने कहा कि शिक्षा को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित रखने के बजाय केस आधारित शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। विद्यार्थियों को वास्तविक परिस्थितियों और व्यावसायिक चुनौतियों को समझकर समस्या समाधान की क्षमता विकसित करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि इनोवेशन और क्रिएटिविटी विद्यार्थियों को भविष्य की प्रतिस्पर्धा में आगे ले जाएगी। युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला बनने के बजाय नौकरी देने वाला बनने की दिशा में प्रयास करना चाहिए। इसके लिए नए विचारों, तकनीकी ज्ञान, प्रबंधन कौशल और नेतृत्व क्षमता को विकसित करना जरूरी है।

एस. रविचंद्रन को सप्लाई चेन मैनेजमेंट के क्षेत्र में 36 वर्षों का व्यापक अनुभव है। उन्होंने आईएसएम एरिजोना, अमेरिका से सर्टिफाइड प्रोफेशनल इन सप्लाई चेन मैनेजमेंट का प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इसके अलावा इंटरनेशनल ट्रेड सेंटर, जेनेवा, स्विट्जरलैंड से इंटरनेशनल डिप्लोमा इन सप्लाई चेन मैनेजमेंट किया है। वर्तमान में वह एसआरएम यूनिवर्सिटी दिल्ली में विजिटिंग फैकल्टी के रूप में कार्यरत हैं।

अनुशासन और सुरक्षित वातावरण पर चर्चा

प्रॉक्टोरियल बोर्ड के अध्यक्ष डा. भूपेंद्र कुमार ने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय में अनुशासन, जिम्मेदारी और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण के महत्व की जानकारी दी। वहीं डा. वीरेंद्र कुमार ने एंटी रैगिंग सेशन के माध्यम से रैगिंग के दुष्परिणामों और विश्वविद्यालय की एंटी रैगिंग नीतियों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने विद्यार्थियों से सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने की अपील की।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में विश्वविद्यालय के प्रशासनिक निदेशक डॉ. संदीप कुमार, स्कूल ऑफ कॉमर्स एंड मैनेजमेंट के डीन डॉ. विनीत कौशिक, विभागाध्यक्ष डॉ. निकिता सिंगल, डॉ. पुनीत कुमार, वासिक इकबाल सहित सभी फैकल्टी सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम में एमबीए विभाग के नवप्रवेशित विद्यार्थियों और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

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