चमोली की निर्माणाधीन टनल में बड़ा हादसा, 20 से ज्यादा मजदूर फंसे; 16 का रेस्क्यू
मलबे और पानी से सुरंग का रास्ता हुआ बंद, NDRF-SDRF ने संभाला मोर्चा; सीएम धामी ने दिए युद्धस्तर पर बचाव के निर्देश
चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी क्षेत्र में गुरुवार शाम निर्माणाधीन DRT टनल के अंदर अचानक भारी मात्रा में मलबा और पानी भर जाने से बड़ा हादसा हो गया। घटना के समय सुरंग के भीतर मौजूद 20 से अधिक मजदूर फंस गए। हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, SDRF और NDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं और तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान अब तक 16 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। सभी rescued मजदूरों को प्राथमिक उपचार और चिकित्सकीय निगरानी के लिए जिला अस्पताल गोपेश्वर भेजा गया है। वहीं, सुरंग में फंसे अन्य मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान लगातार जारी है।
शाम करीब 6:30 बजे सुरंग में भरा मलबा और पानी
चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार के अनुसार, यह सुरंग THDC के हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के लिए निर्माणाधीन है। गुरुवार शाम करीब 6:30 से 6:45 बजे के बीच सुरंग में अचानक भारी मात्रा में मलबा और पानी भर गया। उस समय ड्यूटी पर मौजूद कई कर्मचारी अंदर ही फंस गए।
प्रशासन ने तत्काल रेस्क्यू टीमों को मौके पर भेजा। सुरंग से मजदूरों को निकालने के लिए मशीनों और अन्य जरूरी संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
NDRF और SDRF की टीमें मौके पर
घटना की गंभीरता को देखते हुए NDRF और SDRF की टीमें राहत-बचाव अभियान में जुटी हुई हैं। जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं। बचाव दल सुरंग के अंदर फंसे मजदूरों तक पहुंचने और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।
सीएम धामी ने दिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू के निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टनल के भीतर मलबा और पानी आने की घटना पर चिंता जताई है। उन्होंने अधिकारियों को युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता सुरंग में फंसे प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना है। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से लगातार स्थिति की जानकारी लेने और सभी आवश्यक संसाधन मौके पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
परिजनों को हरसंभव सहायता का भरोसा
मुख्यमंत्री ने प्रभावित मजदूरों और उनके परिजनों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की ओर से रेस्क्यू ऑपरेशन की लगातार निगरानी की जा रही है और सुरंग में फंसे बाकी मजदूरों को निकालने के प्रयास जारी हैं।
फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान सुरंग में फंसे सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने पर है। रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही हादसे की पूरी स्थिति और नुकसान की स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।


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