2 सितंबर को मेरठ बंद का ऐलान, 100 से ज्यादा स्कूलों के समर्थन का दावा

आवास विकास की कार्रवाई के विरोध में बंद की तैयारी; आंजनेय सिंह बोले- व्यापारियों ने नहीं दिया समर्थन, उठाए सवाल

मेरठ। शास्त्रीनगर में आवास विकास की कार्रवाई के विरोध में 2 सितंबर को मेरठ बंद के आह्वान को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। मेरठ बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष रविंद्र गुर्जर ने रविवार को प्रेसवार्ता कर दावा किया कि बंद को शहर के 100 से अधिक स्कूलों का समर्थन मिल चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि आवास विकास के अधिकारी व्यापारियों और भवन स्वामियों में फूट डालकर आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं।

रविंद्र गुर्जर के मुताबिक, शनिवार को आवास विकास के अधिकारियों ने 44 भवन स्वामियों के साथ बैठक की थी। उनका दावा है कि बैठक में एडवोकेट आंजनेय सिंह को छोड़कर बाकी भवन स्वामी मौजूद थे और उन्होंने 2 सितंबर की बंदी का समर्थन किया। वहीं आंजनेय सिंह ने इस दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि एसडीएम सिटी के समक्ष जब 2 सितंबर के प्रदर्शन को लेकर व्यापारियों से हाथ उठाकर समर्थन मांगा गया था तो अधिकतर व्यापारियों ने हाथ नहीं उठाया था।

आंजनेय सिंह ने उठाए आंदोलन पर सवाल

आंजनेय सिंह ने शास्त्रीनगर में लंबे समय से चल रहे विवाद का हवाला देते हुए रविंद्र गुर्जर की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब 661/6 ध्वस्त हुआ और 44 भूखंडों पर सील लगाई गई, तब रविंद्र गुर्जर कहां थे। उन्होंने कहा कि सेक्टर-2 की महिलाएं 100 दिन से अधिक समय से अपना आशियाना बचाने के लिए धरने पर बैठी हैं, तब भी रविंद्र गुर्जर सामने नहीं आए।

उन्होंने आरोप लगाया कि जब रविंद्र गुर्जर के अपने अस्पताल को नोटिस मिला, तभी उन्हें व्यापारियों की याद आई। आंजनेय सिंह ने कहा कि आंदोलन को लेकर वास्तविक स्थिति मौके पर मौजूद व्यापारियों और भवन स्वामियों के समर्थन से ही स्पष्ट होगी।

100 से अधिक स्कूलों के समर्थन का दावा

स्कूल संचालक कवलजीत सिंह ने दावा किया कि शहर के 100 से अधिक स्कूल संचालकों ने 2 सितंबर की बंदी का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि सोमवार तक समर्थन करने वाले स्कूलों की संख्या और बढ़ सकती है। स्कूल संचालकों की ओर से बंद में सहयोग करने की बात कही गई है।

फूट डालने का लगाया आरोप

रविंद्र गुर्जर ने आवास विकास के अधिकारियों पर व्यापारियों में फूट डालकर आंदोलन को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संघर्ष समिति को सामाजिक संगठनों, किसान संगठनों और व्यापारियों का समर्थन मिल रहा है। उनके मुताबिक यही समर्थन 2 सितंबर की बंदी को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मेरठ से बाहर भी आंदोलन का दावा

शास्त्रीनगर प्रकरण में सक्रिय सुदीप जैन ने कहा कि यह मुद्दा केवल मेरठ तक सीमित नहीं है। उन्होंने दावा किया कि 2 सितंबर को पटना, भोपाल और अलीगढ़ समेत कई स्थानों पर आंदोलन प्रस्तावित हैं। उन्होंने कहा कि यदि इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो सभी लोग एकजुट होकर दिल्ली कूच करेंगे।

बंद को लेकर आमने-सामने दावे

एक ओर संघर्ष समिति 100 से अधिक स्कूलों और विभिन्न संगठनों के समर्थन का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर आंजनेय सिंह ने व्यापारियों के समर्थन को लेकर अलग तस्वीर पेश की है। दोनों पक्षों के दावों के बीच शास्त्रीनगर का विवाद और गरमा गया है। अब 2 सितंबर को प्रस्तावित मेरठ बंद का असर कितना व्यापक रहता है, यह बंद के दिन ही स्पष्ट होगा।

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