सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मेडा सख्त, 16 टीमें उतरीं

शहरभर में अवैध निर्माणों का सर्वे शुरू

 बेगमपुल से लिसाड़ी गेट और ब्रह्मपुरी तक पहले चरण में जांच

एक माह में सर्वे पूरा करने का लक्ष्य

मेरठ। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) ने शहर में अवैध निर्माणों के खिलाफ सर्वे की कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके लिए प्राधिकरण ने 16 टीमें गठित की हैं। प्रत्येक टीम में दो-दो कर्मचारी लगाए गए हैं। पहले चरण में जोन-ए के तहत बेगमपुल से लिसाड़ी गेट और ब्रह्मपुरी तक के क्षेत्र में भवनों का सर्वे कराया जा रहा है। प्राधिकरण ने करीब एक माह में सर्वे पूरा करने का लक्ष्य रखा है।

सर्वे टीमों को निर्धारित प्रपत्र उपलब्ध कराया गया है, जिसमें मौके पर भवन से जुड़ी पूरी जानकारी दर्ज की जा रही है। इसमें भवन का क्षेत्रफल, स्वीकृत मानचित्र, निर्माण की मंजिलों की संख्या, आवासीय अथवा व्यावसायिक उपयोग समेत अन्य विवरण जुटाए जा रहे हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि स्वीकृत मानचित्र के विपरीत कोई निर्माण अथवा सेटबैक पर अतिक्रमण तो नहीं किया गया है।

अवैध निर्माण मिला तो होगी कार्रवाई

यदि किसी भवन का पूरा हिस्सा व्यावसायिक उपयोग में परिवर्तित पाया जाता है तो नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, केवल अतिरिक्त हिस्सा अवैध पाए जाने पर भवन स्वामी को 15 दिन का नोटिस दिया जाएगा। निर्धारित अवधि में अवैध निर्माण नहीं हटाने पर प्राधिकरण ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा। कार्रवाई में आने वाला खर्च भी भवन स्वामी से भू-राजस्व की तरह वसूल किया जाएगा।

अगली सुनवाई तक देनी है प्रगति रिपोर्ट

सेंट्रल मार्केट प्रकरण में 14जुलाई को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने आवास एवं विकास परिषद के क्षेत्र के साथ शहर के अन्य हिस्सों में भी अवैध निर्माणों का व्यापक निरीक्षण कर सर्वे रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए थे। अदालत ने अवैध निर्माणों की पहचान कर कार्रवाई जारी रखने और अगली सुनवाई तक प्रगति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था। इसके बाद मेडा ने सर्वे की प्रक्रिया तेज कर दी है।

No comments:

Post a Comment

Popular Posts