पारंपरिक हुनर को आधुनिक औजारों की ताकत देगी योगी सरकार, मेरठ के 1500 कारीगरों को मिलेगा लाभ

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत 10 दिन का प्रशिक्षण, इसके बाद मिलेगी आधुनिक टूलकिट; 31 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन

मेरठ, 19 अगस्त। पारंपरिक कारीगरों के हुनर को आधुनिक तकनीक से जोड़कर उन्हें स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार की विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत मेरठ में इस वर्ष 1500 कारीगरों को प्रशिक्षण देने के साथ आधुनिक टूलकिट उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। योजना का लाभ लेने के इच्छुक पात्र कारीगर 31 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

हुनर से स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की राह

योजना का उद्देश्य पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े कारीगरों को आधुनिक तकनीक और बेहतर औजार उपलब्ध कराकर उनके काम की गुणवत्ता और उत्पादकता बढ़ाना है। इसके तहत बढ़ई, नाई, कुम्हार, लोहार, सुनार, टोकरी बुनकर, राजमिस्त्री, हलवाई और मोची समेत विभिन्न पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े कारीगरों को लाभ दिया जाएगा।

जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र के उपायुक्त उद्योग अमरेश कुमार पांडेय ने बताया कि योजना का लाभ ऐसे पारंपरिक कारीगरों को मिलेगा, जो संबंधित व्यवसाय से पहले से जुड़े हुए हैं।

10 दिन के प्रशिक्षण के बाद मिलेगी टूलकिट

चयनित लाभार्थियों को 10 दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें संबंधित व्यवसाय की आधुनिक तकनीक, उत्पाद की गुणवत्ता में सुधार, नई तकनीक का इस्तेमाल, पैकेजिंग, ब्रांडिंग, विपणन और उद्यमिता विकास से संबंधित जानकारी दी जाएगी।

प्रशिक्षण पूरा करने के बाद कारीगरों को उनके व्यवसाय के अनुरूप उन्नत टूलकिट और निर्धारित मानदेय दिया जाएगा। इससे उन्हें अपने पारंपरिक काम को आधुनिक तरीके से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

पिछले वर्ष 1250 कारीगरों को मिली टूलकिट

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत मेरठ में पिछले वर्ष भी बड़ी संख्या में कारीगरों को लाभ मिला था। वित्त वर्ष 2025-26 में 1250 कारीगरों को आधुनिक टूलकिट वितरित की गई थी। पात्र लाभार्थियों को प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत ऋण से जोड़ने का भी प्रयास किया गया, ताकि वे अपना कारोबार शुरू करने या उसका विस्तार करने में सक्षम हो सकें।

31 अगस्त तक करें ऑनलाइन आवेदन

योजना का लाभ लेने के इच्छुक कारीगर msme.up.gov.in के माध्यम से 31 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए पासपोर्ट साइज फोटो, बैंक पासबुक की छायाप्रति, आधार कार्ड और शैक्षिक योग्यता प्रमाणपत्र आवश्यक होगा। एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के आवेदकों को जाति प्रमाणपत्र भी देना होगा।

आवेदक की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए। इसके अलावा संबंधित विधा से जुड़े होने का प्रमाण ग्राम प्रधान या वार्ड पार्षद से प्रमाणित होना आवश्यक है।

उपायुक्त उद्योग अमरेश कुमार पांडेय ने पात्र कारीगरों से अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय से आवेदन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य पारंपरिक हुनर को आधुनिक तकनीक और वित्तीय सहायता से जोड़कर कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाना है।

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