स्कूली वाहनों पर कार्रवाई, 11 के चालान और छह वाहन जब्त
मेरठ। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर गुरुवार को बहसूमा और मवाना थाना क्षेत्रों में ‘मिशन सेफ फ्यूचर 2.0’ के तहत विशेष जांच अभियान चलाया गया। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) सुधांशु रंजन के नेतृत्व में हुई कार्रवाई के दौरान सुरक्षा मानकों का उल्लंघन मिलने पर 11 स्कूली वाहनों के चालान किए गए, जबकि गंभीर अनियमितताओं पर छह वाहन जब्त किए गए।
अभियान के दौरान अधिकारियों ने स्कूली वाहनों में निर्धारित सुरक्षा मानकों की जांच की। वाहनों का पीला रंग, आगे-पीछे ‘स्कूल बस’ या ‘विद्यालय वाहन’ लिखा होना, वैध पंजीकरण, फिटनेस, परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र और टैक्स संबंधी दस्तावेज होना अनिवार्य है। वाहनों में स्पीड गवर्नर, जीपीएस/व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस, सीसीटीवी कैमरे, प्राथमिक उपचार पेटी और अग्निशमन यंत्र भी कार्यशील स्थिति में होने चाहिए। आपातकालीन निकास, खिड़कियों पर ग्रिल और रेट्रो-रिफ्लेक्टिव टेप की भी जांच की गई।
नियमों के अनुसार डीजल वाहनों की अधिकतम आयु 10 वर्ष और सीएनजी/पेट्रोल वाहनों की 15 वर्ष निर्धारित है। निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने पर भी कार्रवाई की जाएगी। चालक के पास वैध लाइसेंस के साथ पुलिस सत्यापन, स्वास्थ्य, दृष्टि और कार्डियो जांच का अद्यतन होना जरूरी है। प्रत्येक वाहन में परिचारक की व्यवस्था भी अनिवार्य है। ‘मिशन सेफ फ्यूचर 2.0’ 11 से 25 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान जिलेभर में स्कूली वाहनों की सघन जांच जारी रहेगी। विद्यालय प्रबंधन और वाहन संचालकों से मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने की अपील की गई है।


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