मेरठ में स्वाइन फ्लू के मरीज बढ़कर 10, अस्पतालों में बनेंगे स्पेशल वार्ड
मेरठ। बदलते मौसम के बीच मेरठ में वायरल संक्रमण के साथ स्वाइन फ्लू के मामले भी बढ़ने लगे हैं। मां-बेटे समेत तीन नए मरीजों में एच1एन1 संक्रमण की पुष्टि होने के बाद जिले में स्वाइन फ्लू से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। लगातार सामने आ रहे मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और उपचार की तैयारियां तेज कर दी हैं।
मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू मरीजों के लिए अलग वार्ड की व्यवस्था की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार उपचार में इस्तेमाल होने वाली टेमी फ्लू दवा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। अब तक सामने आए सभी मरीजों की हालत में सुधार बताया गया है।
मलिन बस्तियों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में लगेंगे कैंप
स्वाइन फ्लू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग मलिन बस्तियों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाएगा। नोडल अधिकारी डॉ. सुधीर कुमार ने बताया कि कैंपों में फ्लू जैसे लक्षण वाले लोगों की जांच की जाएगी। जरूरत के अनुसार उन्हें उपचार और चिकित्सकीय सलाह भी उपलब्ध कराई जाएगी।
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. तनुराज सिरोही ने बताया कि एच1एन1 वायरस श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है। फ्लू जैसे लक्षणों को सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने से बीमारी के गंभीर होने और संक्रमण फैलने का खतरा कम किया जा सकता है।
ये हैं प्रमुख लक्षण
- तेज बुखार, ठंड लगना और शरीर में दर्द।
- लगातार खांसी, छींक और नाक बहना।
- गले में खराश या दर्द और नाक बंद होना।
- सिरदर्द, कमजोरी और अत्यधिक थकान।
- गंभीर स्थिति में सांस लेने में परेशानी और सीने में दर्द।
बचाव के लिए बरतें सावधानी
- खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को रुमाल या टिश्यू से ढकें।
- साबुन से बार-बार हाथ धोएं और गंदे हाथों से आंख, नाक व मुंह छूने से बचें।
- फ्लू जैसे लक्षण होने पर भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें और मास्क का इस्तेमाल करें।
- संक्रमित व्यक्ति के बेहद करीब जाने और उसके सामान को साझा करने से बचें।
- तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी या लक्षण लगातार बने रहने पर खुद दवा लेने के बजाय डॉक्टर से परामर्श लें।


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