पैलेट गन पीड़िता इंशा मुश्ताक की मदद को उमर सरकार आगे आई, LPG एजेंसी के लिए 41.16 लाख रुपये मंजूर
शोपियां। वर्ष 2016 की कश्मीर अशांति के दौरान पैलेट गन की चपेट में आकर दोनों आंखों की रोशनी गंवाने वाली शोपियां की इंशा मुश्ताक को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जम्मू-कश्मीर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार ने इंशा की वर्षों से अधूरी पड़ी एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप को पूरा करने के लिए 41.16 लाख रुपये की राशि जारी करने की मंजूरी दी है।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री सतीश शर्मा ने गुरुवार को बताया कि लंबे समय से लंबित परियोजना को पूरा करने के लिए शेष धनराशि जारी करने की मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि न्याय में देरी हुई, लेकिन इससे इनकार नहीं किया गया।
इंशा को वर्ष 2018 में तत्कालीन मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के नेतृत्व वाली पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार के दौरान एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप आवंटित की गई थी। हालांकि, परियोजना वर्षों तक अधूरी पड़ी रही। अब मौजूदा सरकार ने इसमें पहल करते हुए 41.16 लाख रुपये जारी करने की स्वीकृति दी है।
शोपियां के सेडो गांव की रहने वाली इंशा महज 13 साल की थीं, जब जुलाई 2016 में हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद हुई हिंसा के दौरान उनके चेहरे पर पैलेट लगे थे। पैलेट से उनकी दोनों आंखों को गंभीर नुकसान पहुंचा और वह हमेशा के लिए दृष्टिहीन हो गईं। कई महीनों तक इलाज और कई सर्जरी के बावजूद उनकी आंखों की रोशनी वापस नहीं आ सकी।
इसके बावजूद इंशा ने अपनी पढ़ाई जारी रखी। वर्ष 2023 में उन्होंने 500 में से 319 अंक हासिल कर कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा पास की। एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप का उद्देश्य उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ स्थायी आजीविका उपलब्ध कराना था।
सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए इंशा ने कहा कि वित्तीय सहायता उनकी आंखों की रोशनी के स्थायी नुकसान की भरपाई नहीं कर सकती, लेकिन इससे उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने में मदद मिलेगी।
इंशा ने केंद्र सरकार से पैलेट गन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने की मांग भी दोहराई। उनका कहना है कि ऐसे हथियार युवाओं और छात्रों को जीवनभर के लिए गंभीर चोट दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि वह नहीं चाहतीं कि किसी दूसरे परिवार को पैलेट की चोटों के कारण वैसा दर्द झेलना पड़े, जैसा उनके परिवार ने झेला है।


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