प्रियंका गांधी के बयान के बाद चर्चा में आए IIT मद्रास निदेशक प्रो. वी. कामकोटी, जानिए उनकी उपलब्धियां
नई दिल्ली, 28 जुलाई। लोकसभा में शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा की ओर से भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास के निदेशक प्रो. वी. कामकोटी को कथित तौर पर ‘गौमूत्र एक्सपर्ट’ कहे जाने के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। बयान के बाद प्रो. कामकोटी की शैक्षणिक योग्यता और वैज्ञानिक उपलब्धियां भी चर्चा के केंद्र में आ गई हैं।
प्रो. वी. कामकोटी देश के प्रमुख कंप्यूटर वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों में शामिल हैं। उन्होंने आईआईटी मद्रास से कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में एमएस और पीएचडी की डिग्री हासिल की। वर्ष 2001 में वह आईआईटी मद्रास के फैकल्टी सदस्य बने और जनवरी 2022 में संस्थान के निदेशक का पद संभाला।
उनकी विशेषज्ञता कंप्यूटर आर्किटेक्चर, सूचना सुरक्षा और वीएलएसआई डिजाइन के क्षेत्र में है। वह आईआईटी मद्रास में माइक्रोप्रोसेसर डेवलपमेंट प्रोग्राम और इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी एजुकेशन एंड अवेयरनेस प्रोग्राम से भी जुड़े रहे हैं।
प्रो. कामकोटी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड के सदस्य भी हैं। इसके अलावा, वह केंद्र सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से गठित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टास्क फोर्स के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। आईआईटी मद्रास में उन्होंने जेईई चेयरमैन और एसोसिएट डीन (इंडस्ट्रियल कंसल्टेंसी एंड स्पॉन्सर्ड रिसर्च) जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी संभाली हैं।
शोध के क्षेत्र में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान बताया जाता है। उनके नाम अंतरराष्ट्रीय जर्नल और कॉन्फ्रेंस में 150 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित होने का उल्लेख है। उन्होंने कई शोधार्थियों को पीएचडी और मास्टर ऑफ साइंस (रिसर्च) कार्यक्रमों में मार्गदर्शन दिया है। इसके अलावा, उद्योग और सरकारी शोध संस्थानों से जुड़ी करीब 50 शोध एवं विकास परियोजनाओं का नेतृत्व भी किया है।
प्रो. कामकोटी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की प्रौद्योगिकी समितियों के सदस्य भी रह चुके हैं। उन्हें डीआरडीओ अकादमिक एक्सीलेंस अवॉर्ड, इंडियन इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सेमीकंडक्टर एसोसिएशन टेक्नो विजनरी अवॉर्ड, अब्दुल कलाम टेक्नोलॉजी इनोवेशन नेशनल फेलोशिप, एसीसीएस लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड, आईबीएम फैकल्टी अवॉर्ड और वास्विक इंडस्ट्रियल रिसर्च अवॉर्ड सहित कई प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं।
प्रियंका गांधी की टिप्पणी के बाद प्रो. वी. कामकोटी की वैज्ञानिक और शैक्षणिक पृष्ठभूमि को लेकर सार्वजनिक और राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विवाद के बीच उनके समर्थकों ने उनकी उपलब्धियों को सामने रखा है, जबकि विपक्षी राजनीतिक खेमे बयान को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।


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