कांवड़ यात्रा के लिए यूपी-उत्तराखंड की सख्त गाइडलाइन
त्रिशूल-भाले और जुगाड़ वाहनों पर प्रतिबंध
मेरठ। कांवड़ यात्रा को लेकर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकार ने इस वर्ष सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मेरठ जोन में सर्वाधिक संख्या में कांवड़ यात्रियों के आने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जारी गाइडलाइन का कड़ाई से पालन कराया जाएगा।
हरिद्वार पुलिस की एडवाइजरी के अनुरूप उत्तर प्रदेश में भी कांवड़ यात्रा के दौरान त्रिशूल, भाला, तलवार तथा अन्य धारदार एवं नुकीले हथियार लेकर चलने पर प्रतिबंध रहेगा। शराब या अन्य मादक पदार्थों के सेवन की स्थिति में यात्रा करने वालों के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा जुगाड़ वाहन, रेट्रो साइलेंसर अथवा अत्यधिक ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के संचालन पर पूरी तरह रोक रहेगी।
प्रशासन ने विद्युत दुर्घटनाओं से बचाव के लिए कांवड़ की अधिकतम ऊंचाई भी निर्धारित की है। पैदल कांवड़ की ऊंचाई छह फीट तथा डाक कांवड़ एवं झांकी की अधिकतम ऊंचाई 10 फीट से अधिक नहीं होगी। निर्धारित सीमा से अधिक ऊंचाई वाली कांवड़ को उत्तर प्रदेश में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
यात्रा के दौरान सभी श्रद्धालुओं को वैध पहचान पत्र साथ रखना होगा। बसों एवं ट्रेनों की छत पर या लटककर यात्रा करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने कांवड़ियों से यातायात नियमों का पालन करने और यात्रा को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित बनाने में सहयोग करने की अपील की है।
एडीजी भानु भास्कर ने बताया कि उत्तराखंड सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन को उत्तर प्रदेश में भी प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।


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