बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर बीएसए के निर्देश, जर्जर स्कूल भवनों में नहीं लगेंगी कक्षाएं

मेरठ। जिले में लगातार हो रही भारी बारिश और कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) आशा चौधरी ने छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों और प्रधानाध्यापकों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी जर्जर अथवा असुरक्षित विद्यालय भवन में कक्षाओं का संचालन नहीं किया जाएगा।

बीएसए ने निर्देश दिए हैं कि जिन विद्यालय भवनों को जर्जर एवं अनुपयोगी घोषित किया गया है, उन पर लाल रंग से बड़े अक्षरों में "जर्जर व निष्प्रयोज्य भवन (प्रवेश प्रतिबंधित)" लिखवाया जाए, ताकि छात्र, शिक्षक और अन्य लोग ऐसे भवनों में प्रवेश न करें।

उन्होंने कहा कि सभी विद्यालयों की छतों की सफाई कराई जाए, जिससे वर्षा के दौरान पानी का जमाव न हो। साथ ही विद्युत तारों एवं उपकरणों की जांच कर खराब पाए जाने पर उन्हें तत्काल ठीक कराया जाए, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना की आशंका न रहे।

बीएसए ने यह भी निर्देश दिए हैं कि जर्जर भवनों या ढांचों के आसपास भी वैकल्पिक कक्षाओं की व्यवस्था न की जाए और ऐसे भवनों से पर्याप्त दूरी बनाए रखी जाए। छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा जिले के सभी परिषदीय विद्यालयों के भवनों एवं अन्य ढांचों का तत्काल सर्वे कर उन्हें चिन्हित करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। बीएसए ने कहा कि सभी खंड शिक्षा अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि जर्जर भवनों में किसी भी परिस्थिति में बच्चों का प्रवेश या शिक्षण कार्य न हो तथा जारी किए गए सभी निर्देशों का कड़ाई से पालन कराया जाए।

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