हल्दी में कृत्रिम रंग, धनिया में लकड़ी का चूरा मिला रहे मिलावटखोर

मेरठ में जांच के दौरान 17 में से 12 मसालों के नमूने फेल, दुकानदारों पर होगी कार्रवाई

मेरठ। रसोई में स्वाद बढ़ाने वाले मसाले आपकी सेहत के लिए खतरा बन सकते हैं। शहर में हल्दी और धनिया पाउडर में बड़े पैमाने पर मिलावट का मामला सामने आया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की जांच रिपोर्ट में 17 नमूनों में से 12 नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। जांच में हल्दी में कृत्रिम रंग और धनिया पाउडर में लकड़ी का चूरा, भूसी और अन्य पदार्थों की मिलावट पाई गई है।

जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी रवि शर्मा ने बताया कि करीब तीन माह पहले शहर के विभिन्न क्षेत्रों से हल्दी और धनिया पाउडर के नमूने लिए गए थे। इनमें लिसाड़ी गेट, रशीदनगर, इस्लामनगर, जैदी फार्म और शास्त्रीनगर क्षेत्र की परचून दुकानों से कुल 17 नमूने एकत्र किए गए थे। जांच के लिए इन्हें गाजियाबाद और लखनऊ की प्रयोगशालाओं में भेजा गया था।

हल्दी के सभी नमूनों में मिला कृत्रिम रंग

जांच रिपोर्ट के अनुसार, हल्दी के नौ नमूनों में कृत्रिम पीले रंग का प्रयोग पाया गया है। वहीं धनिया पाउडर के नमूनों में वजन बढ़ाने के लिए लकड़ी का बुरादा, चूरा, भूसी और पत्तियों का चूरा मिलाने की पुष्टि हुई है। अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की मिलावट लंबे समय तक सेवन करने पर स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकती है।

12 दुकानदारों पर दर्ज होगा मुकदमा

जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि जांच में फेल हुए सभी 12 नमूनों से जुड़े दुकानदारों के खिलाफ एडीएम कोर्ट में मुकदमा दायर किया जाएगा। दोष साबित होने पर नियमानुसार कार्रवाई और जुर्माने का प्रावधान है।

वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. तनुराज सिरोही ने बताया कि मिलावटी मसालों के सेवन से पेट संबंधी समस्याएं, एलर्जी, पेट दर्द, उल्टी-दस्त, पाचन संबंधी परेशानी और आंतों में जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

सीलबंद मसाले खरीदने की अपील

खाद्य सुरक्षा विभाग ने लोगों से अपील की है कि खुले मसालों की खरीद से बचें और केवल सीलबंद ब्रांडेड पैकेट वाले मसालों का ही उपयोग करें। अधिकारियों का कहना है कि खुले में बिकने वाले मसालों में मिलावट की आशंका अधिक रहती है।

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