संसद परिसर में साधु वेश में विपक्ष के प्रदर्शन पर नया विवाद
संत समाज ने जताई नाराजगी, लोकसभा अध्यक्ष से कार्रवाई की मांग
नई दिल्ली (एजेंसी)। संसद भवन के मकर द्वार पर विपक्षी सांसदों द्वारा साधु वेश में किए गए सांकेतिक प्रदर्शन को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री जितेंद्रानंद सरस्वती ने इसे साधु-संतों और भगवा वस्त्र का अपमान बताते हुए लोकसभा अध्यक्ष से मामले में संज्ञान लेकर कार्रवाई की मांग की है।
दरअसल, विपक्षी सांसदों ने राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मुद्दे को लेकर संसद परिसर में प्रदर्शन किया। इस दौरान सांसद पप्पू यादव भगवा वस्त्र धारण कर, माथे पर चंदन लगाकर और हाथ में दानपेटी लेकर प्रतीकात्मक रूप से चढ़ावा एकत्र करते दिखाई दिए। वहीं, कांग्रेस सांसद एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित कई विपक्षी सांसदों ने दानपेटी में सांकेतिक रूप से चढ़ावा डाला।
प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी के सांसद डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव और अवधेश प्रसाद भी दानपेटी में प्रतीकात्मक रूप से राशि डालते नजर आए। इसके बाद पप्पू यादव ने दानपेटी लेकर भागने का अभिनय किया, जबकि अन्य सांसदों ने उन्हें पकड़ने और रोकने का सांकेतिक प्रदर्शन किया। बाद में पप्पू यादव ने कहा कि यह पूरा प्रदर्शन सांकेतिक था।
इस प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि साधु-संतों की वेशभूषा का इस प्रकार उपयोग कर पूरे संत समाज पर चोरी का आरोप लगाने जैसा संदेश देना अनुचित है। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष बिना शर्त सार्वजनिक माफी नहीं मांगता, तो लोकसभा अध्यक्ष को इस मामले में उचित कार्रवाई करनी चाहिए।
भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने भी विपक्ष के प्रदर्शन की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस और विपक्ष लगातार संतों, भगवा और सनातन परंपरा का अपमान करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान भगवान राम और चढ़ावे के मुद्दे को जिस तरह प्रस्तुत किया गया, वह निंदनीय है।
मानसून सत्र के 10वें दिन भी हंगामा
संसद के मानसून सत्र का दसवां दिन भी विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ गया। विपक्षी सांसद राम मंदिर के कथित चढ़ावा विवाद और छात्रों के प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई को लेकर चर्चा की मांग करते रहे तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सदन में अनुपस्थिति का मुद्दा भी उठाया। हालांकि, हंगामे के बीच लोकसभा ने जन्म-मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित कर दिया। लगातार व्यवधान के चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही 3 अगस्त सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई।


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