शोभित विवि ने प्रबंधन शिक्षा में बढ़ाया वैश्विक कदम   एएसीएसबी के वैश्विक नेटवर्क से जुड़ा नाइस स्कूल ऑफ बिजनेस स्टडीज़

मेरठ। शोभित विश्वविद्यालय के नाइस स्कूल ऑफ बिजनेस स्टडीज़ ने प्रबंधन शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए विश्व के प्रतिष्ठित बिजनेस स्कूल नेटवर्क एएसीएसबी (Association to Advance Collegiate Schools of Business) की सदस्यता प्राप्त कर ली है। विश्वविद्यालय में प्रबंधन शिक्षा के 30 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित वर्षव्यापी समारोहों के तहत सोमवार को आयोजित एएसीएसबी सदस्यता ऑनबोर्डिंग समारोह में इस ऐतिहासिक उपलब्धि की औपचारिक घोषणा की गई।

विश्वविद्यालय के अनुसार, इस सदस्यता के साथ नाइस स्कूल ऑफ बिजनेस स्टडीज़ मेरठ का पहला बिजनेस स्कूल बन गया है, जिसे एएसीएसबी के वैश्विक समुदाय में स्थान मिला है। इसके साथ ही संस्थान देश के उन चुनिंदा बिजनेस स्कूलों की श्रेणी में शामिल हो गया है, जो प्रबंधन शिक्षा को अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं।

वैश्विक उत्कृष्टता की नई शुरुआत

वर्ष 1916 में स्थापित एएसीएसबी दुनिया का सबसे पुराना और प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय संगठन है, जो बिजनेस एवं प्रबंधन शिक्षा में गुणवत्ता, अनुसंधान, नवाचार और संस्थागत उत्कृष्टता को बढ़ावा देता है। इसकी सदस्यता प्राप्त होने के बाद नाइस स्कूल ऑफ बिजनेस स्टडीज़ पाठ्यक्रम विकास, परिणाम-आधारित शिक्षा, संकाय विकास, उद्योग सहयोग, अनुसंधान और संस्थागत गुणवत्ता सुधार के क्षेत्रों में वैश्विक सर्वोत्तम मानकों को अपनाएगा।

विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि यह सदस्यता केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय उत्कृष्टता की दीर्घकालिक यात्रा की शुरुआत है।

‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य में देगा योगदान

समारोह में नाइस स्कूल ऑफ बिजनेस स्टडीज़ की निदेशक डॉ. क्षमता चौहान ने कहा कि एएसीएसबी सदस्यता संस्थान के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में उच्च शिक्षण संस्थानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारत को वैश्विक प्रतिभा केंद्र बनाने के लिए ऐसे प्रबंधन विशेषज्ञ तैयार करने होंगे, जो तकनीक आधारित भविष्य में नेतृत्व की भूमिका निभा सकें।

उन्होंने कहा कि संस्थान उद्योगोन्मुख, तकनीक-सक्षम और वैश्विक मानकों पर आधारित शिक्षण वातावरण विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे विद्यार्थी भविष्य की चुनौतियों और नए करियर अवसरों के लिए तैयार हो सकें।

शिक्षा के साथ अनुसंधान और उद्योग सहयोग पर जोर

विश्वविद्यालय के कुलाधिपति कुंवर शेखर विजेन्द्र ने कहा कि शोभित विश्वविद्यालय अपनी स्थापना से ही गुणवत्ता और नवाचार को प्राथमिकता देता आया है। विश्वविद्यालय अब अपने चौथे दशक में प्रवेश कर रहा है और अनुसंधान, नवाचार, अनुशासन तथा नैतिक नेतृत्व की संस्कृति को और मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों की भूमिका केवल डिग्री प्रदान करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन्हें उद्योग और समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान में भी सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए। उन्होंने मेरठ मैनेजमेंट एसोसिएशन सहित विभिन्न उद्योग संगठनों के साथ सहयोग बढ़ाने पर भी बल दिया।

एएसीएसबी सदस्यता से मिलेंगे नए अवसर

एएसीएसबी के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय प्रमुख प्रताप दास ने कहा कि सदस्यता किसी यात्रा का अंत नहीं, बल्कि वैश्विक उत्कृष्टता की शुरुआत है। उन्होंने बताया कि एएसीएसबी से जुड़े संस्थानों को अंतरराष्ट्रीय सहयोग, संयुक्त अनुसंधान, छात्र एवं संकाय विनिमय कार्यक्रम, उद्योग सहभागिता और वैश्विक रोजगार क्षमता बढ़ाने के अनेक अवसर प्राप्त होते हैं।

उन्होंने कहा कि यह ढांचा विद्यार्थियों के अधिगम, परिणाम-आधारित शिक्षा, नवाचार और संस्थागत प्रभावशीलता को निरंतर बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

विद्यार्थियों को मिलेगा वैश्विक लाभ

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वी.के. त्यागी ने कहा कि भारत तेजी से ज्ञान, नवाचार और उद्यमिता के वैश्विक केंद्र के रूप में उभर रहा है। ऐसे में भारतीय विश्वविद्यालयों के लिए अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप स्वयं को विकसित करना समय की आवश्यकता है।

वहीं वरिष्ठ निदेशक (मानव संसाधन एवं कॉर्पोरेट रिलेशंस) प्रो. देवेन्द्र नारायण ने कहा कि इस सदस्यता से परिणाम-आधारित शिक्षा, अनुसंधान संस्कृति, उद्योग सहभागिता और शैक्षणिक गुणवत्ता को नई मजबूती मिलेगी। इससे विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव और बेहतर करियर अवसर प्राप्त होंगे।

विश्वविद्यालय के सलाहकार प्रो. एम.एल. सिंगला ने इसे संस्थान की सामूहिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि गुणवत्ता और सतत सुधार की दिशा में सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।

प्रमाण-पत्र प्रदान कर किया सम्मानित

समारोह का सबसे महत्वपूर्ण क्षण तब आया जब एएसीएसबी के दक्षिण एशिया प्रमुख प्रताप दास ने नाइस स्कूल ऑफ बिजनेस स्टडीज़ की निदेशक डॉ. क्षमता चौहान को औपचारिक रूप से एएसीएसबी सदस्यता प्रमाण-पत्र प्रदान किया। इसी के साथ संस्थान का वैश्विक समुदाय में औपचारिक प्रवेश सुनिश्चित हुआ।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. नेहा याजुर्वेदी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. नवनीश त्यागी ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर मेरठ मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष अग्रवाल, अध्यक्ष एस.पी. सिंह, कोषाध्यक्ष डॉ. रविचंद्रन, विश्वविद्यालय के सभी डीन, निदेशक, संकाय सदस्य, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, शिक्षाविद्, विद्यार्थी तथा अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

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