कलक्ट्रेट बवाल: वीडियो जांच में उपद्रवियों की पहचान, सागर लिसाड़ी भी आया सामने

पुलिस ने पांच घंटे की फुटेज खंगाली, कई आरोपियों की पहचान; गिरफ्तारियों का सिलसिला जारी

मेरठ, 13 जुलाई। मेरठ कलक्ट्रेट परिसर के बाहर 9 जुलाई को हुए बवाल और पुलिस पर हमले के मामले में जांच तेज हो गई है। पुलिस ने घटना से संबंधित लगभग पांच घंटे की सीसीटीवी और अन्य वीडियो फुटेज की जांच के बाद कई आरोपियों की पहचान की है। इनमें लिसाड़ी निवासी सागर का नाम भी सामने आया है, जो पहले एक चर्चित फायरिंग प्रकरण में गिरफ्तार हो चुका है।

पुलिस के अनुसार, छात्रा हत्याकांड के विरोध में बड़ी संख्या में लोग कमिश्नरी और कलक्ट्रेट पहुंचे थे। प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने सड़क जाम कर दी और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। आरोप है कि इस दौरान पुलिसकर्मियों पर हमला किया गया तथा एक महिला दरोगा के साथ अभद्र व्यवहार भी किया गया।

जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, सोशल मीडिया वीडियो और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का विश्लेषण किया। इनमें सागर सहित कुछ अन्य व्यक्तियों की पहचान की गई है। पुलिस का कहना है कि शेष अज्ञात आरोपियों की पहचान भी की जा रही है और जल्द ही उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सागर इससे पहले जनवरी में आजाद समाज पार्टी से जुड़े नेता संजय सिंह पर हुई फायरिंग के मामले में भी गिरफ्तार किया जा चुका है। उस प्रकरण में उसके साथ अन्य आरोपियों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया था।

कलक्ट्रेट बवाल के संबंध में विभिन्न नामजद और अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। इनमें हत्या के प्रयास, लोक सेवक पर हमला, सरकारी कार्य में बाधा, मार्ग अवरुद्ध करना, सार्वजनिक व्यवस्था भंग करना तथा महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने जैसे आरोप शामिल हैं।

पुलिस अधीक्षक नगर विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि वीडियो साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की कार्रवाई लगातार जारी है। अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

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