एसी कोच से लाखों तौलिये, चादरें और कंबल गायब, रेलवे को करोड़ों का नुकसान

आरटीआई से खुलासा— 2022 से 2026 के बीच 1.27 करोड़ से अधिक लिनेन आइटम चोरी, निगरानी बढ़ाने की तैयारी

नई दिल्ली, 13 जुलाई। भारतीय रेलवे की एसी ट्रेनों में यात्रियों को उपलब्ध कराए जाने वाले बेडरोल और लिनेन की चोरी लगातार बढ़ती जा रही है। सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत प्राप्त जानकारी के अनुसार, जनवरी 2022 से मई 2026 के बीच ट्रेनों से 1.27 करोड़ से अधिक लिनेन आइटम गायब हो गए। इनमें तौलिये, चादरें, तकिया कवर, कंबल और तकिए शामिल हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, कोविड-19 महामारी के बाद बेडरोल सेवा दोबारा शुरू होने के पश्चात चोरी के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। वर्ष 2022 से 2025 के बीच लिनेन चोरी की घटनाओं में लगभग 56 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। यह जानकारी भारतीय रेलवे के 54 रेल मंडलों और 16 रेलवे जोनों से प्राप्त आंकड़ों पर आधारित है।

सबसे अधिक चोरी फेस टॉवल की हुई। चार वर्षों में लगभग 46.54 लाख तौलिये गायब हुए। इसके अलावा 41.13 लाख बेडशीट, 23.59 लाख तकिया कवर, 12.95 लाख कंबल तथा 2.76 लाख तकिए चोरी होने की जानकारी सामने आई है।

आरटीआई के आंकड़ों के अनुसार, बीकानेर रेल मंडल सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहां 25.76 लाख लिनेन आइटम चोरी हुए। इसके बाद रांची, दिल्ली, मुंबई, जोधपुर और अहमदाबाद रेल मंडलों का स्थान रहा।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रेनों में बेडरोल उपलब्ध कराने वाली एजेंसियां लिनेन का लेखा-जोखा रखती हैं और कमी पाए जाने पर उसकी भरपाई भी उन्हें करनी पड़ती है। लगातार हो रही चोरी के कारण अतिरिक्त बेडरोल और लिनेन सेट खरीदने पड़ रहे हैं, जिससे संचालन लागत में वृद्धि हो रही है।

रेलवे ने इस समस्या को गंभीर बताते हुए निगरानी व्यवस्था मजबूत करने और चोरी रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की बात कही है। अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है और यात्रियों के सहयोग से ही इस प्रकार की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।

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