पूर्व आईपीएस बी.पी. अशोक बोले- थप्पड़ मारना कानूनन गलत, एसएसपी मेरठ को दोबारा प्रशिक्षण की जरूरत

मेरठ। मेरठ कलेक्ट्रेट के बाहर दलित समाज के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई और एसएसपी अविनाश पांडेय द्वारा प्रदर्शनकारियों को थप्पड़ मारने के वीडियो पर पूर्व आईपीएस अधिकारी डॉ. बी.पी. अशोक ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने इसे कानून और पुलिस प्रशिक्षण के विपरीत बताते हुए कहा कि एसएसपी को दोबारा प्रशिक्षण लेने की आवश्यकता है।

डॉ. अशोक ने कहा कि किसी भी अवैध भीड़ को हटाने के लिए कानून में स्पष्ट प्रक्रिया निर्धारित है। उचित बल प्रयोग कर भीड़ को नियंत्रित किया जा सकता है, लेकिन किसी व्यक्ति को थप्पड़ मारना न तो कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है और न ही इसकी अनुमति कानून देता है। उनके अनुसार, थप्पड़ मारना किसी व्यक्ति का सार्वजनिक अपमान करने के समान है।

उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों, रोहटा के ललिता गौतम हत्याकांड और गंगानगर में 13 वर्षीय बच्ची से जुड़े मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे। उनका आरोप है कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर दिए बिना कार्रवाई शुरू कर दी।

पूर्व आईपीएस अधिकारी ने कहा कि प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए कानून में चरणबद्ध व्यवस्था है। पहले उन्हें समझाने और हटने की अपील की जाती है। आवश्यकता पड़ने पर पानी की बौछार, स्मॉग कैंडल और अन्य वैधानिक उपाय अपनाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि हिरासत में लिए गए व्यक्ति की सुरक्षा और सम्मान की जिम्मेदारी पुलिस की होती है, लेकिन इस मामले में हिरासत में लेने के बाद भी कथित रूप से उनका अपमान किया गया।

डॉ. अशोक ने पुलिस प्रशिक्षण पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशिक्षण, पुलिस रेगुलेशन और भारतीय संविधान में कहीं भी किसी नागरिक का अपमान करने की अनुमति नहीं दी गई है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लेख करते हुए कहा कि पुलिस को कानून लागू करने का अधिकार है, दंड देने या अपमानित करने का नहीं।

पूर्व आईपीएस ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि जिला स्तर से लेकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तक के लिए जनसंपर्क और कानून सम्मत भीड़ नियंत्रण का पुनः प्रशिक्षण कराया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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