'निहत्थों पर लाठियां क्यों?' सिवाया टोल पर धरने पर बैठे सांसद चंद्रशेखर, पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
मेरठ। छात्रा हत्याकांड के बाद पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नगीना सांसद चंद्रशेखर को शुक्रवार को दिल्ली-देहरादून हाईवे स्थित सिवाया टोल प्लाजा पर पुलिस ने रोक दिया। बैरिकेडिंग लगाए जाने के बाद सांसद समर्थकों के साथ टोल प्लाजा पर ही धरने पर बैठ गए और कहा कि जब तक पीड़ित परिवार से मुलाकात नहीं होगी, तब तक वह वापस नहीं लौटेंगे।
चंद्रशेखर ने अपने संबोधन में हाल ही में बिहार में हुई एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि वहां हथियारबंद व्यक्ति के मामले का सभी ने विरोध किया, जबकि मेरठ में न्याय की मांग कर रहे लोगों के हाथ में डंडा तक नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि कलक्ट्रेट पर मृतका के परिजन, रिश्तेदार और समाज के लोग शांतिपूर्ण ढंग से न्याय की मांग कर रहे थे, लेकिन उन पर लाठीचार्ज किया गया और थप्पड़ मारे गए।
उन्होंने कहा कि निहत्थे लोगों पर बल प्रयोग उचित नहीं था और इस प्रकार की कार्रवाई लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं कही जा सकती। साथ ही आरोप लगाया कि जब भी वह किसी भी पीड़ित परिवार से मिलने निकलते हैं, प्रशासन बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक देता है।
पूर्व एडीजी प्रेम प्रकाश ने भी उठाए सवाल
धरने में पूर्व एडीजी प्रेम प्रकाश भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांग रखना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है और भीड़ को समझाने के लिए लाठीचार्ज आवश्यक नहीं था।
प्रेम प्रकाश ने कहा कि यह मामला स्थानीय स्तर पर बातचीत से भी सुलझाया जा सकता था। उनके अनुसार भीड़ को नियंत्रित करने और लोगों की बात सुनने के लिए क्षेत्राधिकारी (सीओ) स्तर की कार्रवाई पर्याप्त थी। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के कई तरीके होते हैं और पुलिस को संयम से काम लेना चाहिए।
धरने के दौरान सांसद ने प्रशासन से पीड़ित परिवार से मुलाकात कराने की मांग की। बाद में प्रशासन की पहल पर सिवाया टोल प्लाजा के कंट्रोल रूम में उनकी पीड़ित परिवार से मुलाकात कराई गई, जहां उन्होंने परिवार को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।


No comments:
Post a Comment