टीएमसी में बढ़ी हलचल: विधायक मदन मित्रा ने पार्टी के सभी संगठनात्मक पदों से दिया इस्तीफा

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में बुधवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री और कामारहाटी से विधायक मदन मित्रा ने पार्टी के सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वह विधायक बने रहेंगे।

बुधवार सुबह मदन मित्रा स्वयं कार चलाकर पश्चिम बंगाल विधानसभा पहुंचे और वहां विपक्ष के नेता के कक्ष में जाकर मुलाकात की। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि जीवन के इस पड़ाव पर उन्हें सही और गलत के बीच फैसला करना पड़ा है।

मदन मित्रा ने कहा कि वह अभी भी तृणमूल कांग्रेस के विधायक और जनता के प्रतिनिधि हैं, लेकिन पार्टी में उनके पास जो भी संगठनात्मक जिम्मेदारियां थीं, उनसे उन्होंने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने दावा किया कि भविष्य में जब बंगाल की राजनीति का इतिहास लिखा जाएगा, तब यह भी दर्ज होगा कि एक व्यक्ति की वजह से 213 सीटें जीतने वाली पार्टी को राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ा।

उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रति सम्मान जताते हुए कहा कि लंबे समय तक उनके साथ काम करने का अवसर मिला और इसके लिए वह उनका आभार व्यक्त करते हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय समिति के चीफ व्हिप, वर्किंग कमेटी और महासचिव सहित सभी संगठनात्मक पदों से उन्होंने इस्तीफा दे दिया है।

21 जुलाई को होने वाले टीएमसी के शहीद दिवस कार्यक्रम में शामिल होने के सवाल पर मदन मित्रा ने कहा कि वह तृणमूल कांग्रेस में हैं और रहेंगे, लेकिन अब उन्होंने केवल "एक कमरे से दूसरे कमरे" में जाने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि पहले जहां आराम था, अब उन्होंने संघर्ष का रास्ता चुना है।

हालांकि, उन्होंने अपने विधायक पद से इस्तीफा नहीं दिया है। उनके इस फैसले को पश्चिम बंगाल की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है और इससे टीएमसी की अंदरूनी राजनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

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