सीजेपी का ऐलान, पुलिस कार्रवाई के विरोध में देशभर में प्रदर्शन की तैयारी
सरकार से बातचीत के लिए रखीं दो शर्तें, जंतर-मंतर या तटस्थ स्थान पर वार्ता और मांगों की समयसीमा पर ठोस आश्वासन की मांग
नई दिल्ली। प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों और प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने शुक्रवार को देशव्यापी शांतिपूर्ण प्रदर्शन का ऐलान किया है। संगठन ने देशभर के छात्र संगठनों से अपील की है कि वे अपने-अपने जिलों में एकत्र होकर छात्रों की मांगों को उठाएं और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराएं।
सीजेपी के प्रवक्ताओं के अनुसार, सरकार की ओर से संगठन से बातचीत की पेशकश की गई है, लेकिन वार्ता के स्थान और एजेंडे को लेकर संगठन ने अपनी शर्तें रखी हैं। संगठन का कहना है कि सरकार यदि बातचीत करना चाहती है तो उसे जंतर-मंतर या किसी अन्य निष्पक्ष स्थान पर आकर वार्ता करनी चाहिए।
सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि बातचीत किसी नेता के निजी आवास या कार्यालय में नहीं होगी। संगठन ने सरकार के समक्ष दो प्रमुख शर्तें रखी हैं। पहली, वार्ता जंतर-मंतर या किसी तटस्थ स्थान पर आयोजित हो। दूसरी, सरकार छात्रों की मांगों को पूरा करने के लिए स्पष्ट और ठोस समयसीमा का आश्वासन दे।
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मामलों को लेकर सोशल मीडिया मंच एक्स पर बयान जारी करते हुए कहा कि युवाओं का हित और उनका भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि पेपर लीक मामलों में दोषियों को जल्द सजा दिलाने और मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रधानमंत्री के बयान पर सीजेपी ने कहा कि केवल घोषणाओं से समस्या का समाधान नहीं होगा। संगठन ने जवाबदेही तय करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग दोहराई। सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि संगठन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग से पीछे नहीं हटेगा।
वहीं, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी प्रधानमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पेपर लीक मामलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के साथ जिम्मेदारी भी तय की जानी चाहिए।
उधर, प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिस अधिकारियों ने भी अपना पक्ष रखा। एसीपी विवेक भगत ने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ स्थानों पर भीड़ उग्र हो गई थी और पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों पर बोतलें फेंकी गईं और हिंसक भीड़ से बचाने के लिए अधिकारियों को हस्तक्षेप करना पड़ा।
फिलहाल सरकार और सीजेपी के बीच बातचीत को लेकर गतिरोध बना हुआ है। एक ओर संगठन ने देशभर में प्रदर्शन की तैयारी शुरू कर दी है, वहीं सरकार की ओर से बातचीत का प्रस्ताव जारी है। अब दोनों पक्षों के बीच वार्ता होती है या आंदोलन आगे और तेज होता है, इस पर नजर बनी हुई है।


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