22 जुलाई को होगा सीसीएसयू का 38वां दीक्षांत समारोह, 92,332 विद्यार्थियों को मिलेंगी उपाधियां
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय का 38वां दीक्षांत समारोह 22 जुलाई को विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित किया जाएगा। समारोह की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल करेंगी। मुख्य अतिथि के रूप में इंटरनेशनल क्रॉप्स रिसर्च इंस्टीट्यूट फॉर द सेमी-एरिड ट्रॉपिक्स (आईसीआरआईसैट), हैदराबाद के महानिदेशक डॉ. हिमांशु पाठक दीक्षांत भाषण देंगे। प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय अति विशिष्ट अतिथि तथा उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगी।
विश्वविद्यालय के अनुसार इस वर्ष 92,332 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की जाएंगी। इनमें 43,176 छात्र (46.76 प्रतिशत) और 49,156 छात्राएं (53.24 प्रतिशत) शामिल हैं। शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए कुल 199 स्वर्ण पदक एवं पुरस्कार दिए जाएंगे। इनमें एक कुलाधिपति स्वर्ण पदक, एक पूर्व राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा स्वर्ण पदक, दो चौधरी चरण सिंह स्मृति प्रतिभा पुरस्कार, 62 प्रायोजित स्वर्ण पदक तथा 133 कुलपति स्वर्ण पदक शामिल हैं।
133 पदकों में 95 छात्राओं को मिलेंगे पदक
इस वर्ष भी छात्राओं का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा है। 133 कुलपति स्वर्ण पदकों में से 95 छात्राओं और 38 छात्रों को सम्मानित किया जाएगा, जबकि 62 प्रायोजित स्वर्ण पदकों में 49 छात्राओं एवं 13 छात्रों को स्वर्ण पदक मिलेंगे। इसके अलावा कुलाधिपति स्वर्ण पदक, डॉ. शंकर दयाल शर्मा स्वर्ण पदक तथा चौधरी चरण सिंह स्मृति प्रतिभा पुरस्कार भी छात्राओं को प्रदान किए जाएंगे।
रविवार को आयोजित प्रेस वार्ता में कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल उपाधियां प्रदान करने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की वर्षों की मेहनत, अनुशासन, समर्पण और उपलब्धियों का उत्सव है। उन्होंने कहा कि किसी विद्यार्थी की सफलता उसके परिवार, समाज और विश्वविद्यालय सभी के लिए गौरव का विषय होती है तथा यह समारोह पूरे विश्वविद्यालय परिवार में नई ऊर्जा और सकारात्मक वातावरण का संचार करता है।
कुलपति ने बताया कि मुख्य अतिथि डॉ. हिमांशु पाठक देश के अग्रणी कृषि वैज्ञानिकों में शामिल हैं। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के पूर्व महानिदेशक एवं भारत सरकार के कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग के पूर्व सचिव के रूप में उनके अनुभव का लाभ विद्यार्थियों, शोधार्थियों और कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों को मिलेगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश जैसे कृषि प्रधान क्षेत्र के लिए उनका मार्गदर्शन विशेष रूप से उपयोगी रहेगा।
प्रो. शुक्ला ने बताया कि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा से विश्वविद्यालय छात्राओं के स्वास्थ्य एवं जागरूकता के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रहा है। वर्ष 2025-26 में आयोजित एचपीवी टीकाकरण अभियान के तहत 452 छात्राओं को दोनों डोज लगाए जा चुके हैं। इसके साथ ही विशेष शिविरों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की बालिकाओं का टीकाकरण एवं छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया।
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय ने हाल के समय में कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) किए हैं, जिससे शोध, नवाचार और शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। परिसर स्थित विद्यालय में जनसहयोग एवं कॉर्पस फंड के माध्यम से आधुनिक सुविधाओं से युक्त कक्ष भी विकसित किए जा रहे हैं।
कुलपति ने विश्वविद्यालय की इंडस्ट्री–एकेडेमिया पहल का उल्लेख करते हुए बताया कि परिसर में बैडमिंटन रैकेट का निर्माण शुरू हो चुका है और उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। शीघ्र ही शटल कॉक निर्माण इकाई भी शुरू होगी। इस परियोजना से स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं, महिला कर्मचारियों और छात्राओं को जोड़ा गया है। इसके लिए क्रेडिट आधारित कौशल विकास पाठ्यक्रम भी संचालित किया जा रहा है, जिससे प्रशिक्षण के साथ रोजगार और शैक्षणिक क्रेडिट दोनों का लाभ मिलेगा।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, कौशल विकास और महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में विश्वविद्यालय लगातार नए आयाम स्थापित कर रहा है तथा 38वां दीक्षांत समारोह विश्वविद्यालय के इतिहास में एक यादगार आयोजन सिद्ध होगा।
प्रेस वार्ता में कुलसचिव प्रो. भूपेंद्र सिंह, वित्त अधिकारी रमेश चंद्र, परीक्षा नियंत्रक अजय कृष्ण यादव, निदेशक रैंकिंग प्रो. मृदुल कुमार गुप्ता, प्रो. वीरपाल सिंह, प्रो. मुकेश कुमार शर्मा, डिप्टी रजिस्ट्रार सत्य प्रकाश, प्रेस प्रवक्ता मितेंद्र कुमार गुप्ता, प्रवीण पवार सहित विश्वविद्यालय के अनेक अधिकारी एवं शिक्षक उपस्थित रहे।


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