‘विकसित भारत कॉन्क्लेव’ में शिशिर बजाज को मिला ‘महाराष्ट्र का गौरव’ सम्मान

मेरठ। नई दिल्ली के हयात रीजेंसी में आयोजित भव्य समारोह में नवभारत की प्रतिष्ठित कॉफी टेबल बुक “महाराष्ट्र का गौरव” का अनावरण किया गया। इस अवसर पर बजाज ग्रुप के चेयरमैन एमेरिटस और बजाज फाउंडेशन के चेयरमैन शिशिर बजाज को भारतीय उद्योग, चीनी और इथेनॉल क्षेत्र में योगदान तथा ग्रामीण विकास एवं सामाजिक बदलाव के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के लिए “महाराष्ट्र का गौरव” सम्मान से सम्मानित किया गया।

समारोह में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री, नीति निर्माता, उद्योग जगत के प्रमुख लोग और देशभर से आए विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे। कॉफी टेबल बुक के विशेष संस्करण में शिशिर बजाज के जीवन और योगदान पर आठ पन्नों का विशेष फीचर प्रकाशित किया गया है, जिसमें बजाज परिवार की राष्ट्र निर्माण और समाज सेवा की विरासत को विस्तार से दर्शाया गया है।

फीचर में संस्थापक जमनालाल बजाज के आदर्शों और उनके दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में शिशिर बजाज की भूमिका को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया है। जमनालाल बजाज स्वतंत्रता सेनानी, समाजसेवी और उद्योग जगत के अग्रणी व्यक्तित्व थे, जिन्होंने स्वदेशी उद्यम और सामाजिक जिम्मेदारी की मजबूत नींव रखी।

शिशिर बजाज के नेतृत्व में बजाज हिन्दुस्थान शुगर लिमिटेड भारत की प्रमुख एकीकृत चीनी और इथेनॉल उत्पादक कंपनियों में शामिल हुआ। उनके कार्यकाल में कंपनी का विस्तार दो चीनी मिलों से बढ़कर 14 चीनी मिलों और एक डिस्टिलरी से छह डिस्टिलरी तक पहुंचा। कंपनी ने देश के बायोफ्यूल इकोसिस्टम को मजबूत करने और ऊर्जा सुरक्षा के लक्ष्यों में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

शिशिर बजाज ने बजाज समूह के कारोबार को चीनी और कंज्यूमर प्रोडक्ट्स से आगे बढ़ाते हुए ऊर्जा क्षेत्र में भी विस्तार दिया। बजाज एनर्जी लिमिटेड और ललितपुर पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड के माध्यम से समूह ने बिजली क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई और उत्तर प्रदेश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में योगदान दिया।

समारोह में बजाज फाउंडेशन और उससे जुड़े ट्रस्टों के सामाजिक कार्यों की भी सराहना की गई। महाराष्ट्र के वर्धा, राजस्थान के सीकर और उत्तर प्रदेश के ललितपुर में फाउंडेशन ने जल संरक्षण, नदी पुनर्जीवन, प्राकृतिक खेती, महिला सशक्तिकरण, नवीकरणीय ऊर्जा, कौशल विकास और ग्रामीण आजीविका जैसे क्षेत्रों में कार्य करते हुए 2,000 से अधिक गांवों में 22 लाख से ज्यादा लोगों के जीवन को प्रभावित किया है।

कार्यक्रम में शिशिर बजाज के छोटे बेटे अपूर्व नयन बजाज के जमीनी स्तर के विकास कार्यों और पांचवीं पीढ़ी की प्रतिनिधि आनंदमयी बजाज के समूह से जुड़ने का भी उल्लेख किया गया। आनंदमयी बजाज वर्तमान में ग्रुप स्ट्रैटेजी की जनरल मैनेजर के रूप में जिम्मेदारी संभाल रही हैं।

गौरतलब है कि हाल ही में महाराष्ट्र के राज्यपाल ने भी शिशिर बजाज को उद्योग, ग्रामीण विकास और सामाजिक-आर्थिक बदलाव में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित सम्मान से सम्मानित किया था।

समारोह में वक्ताओं ने बजाज परिवार की औद्योगिक उपलब्धियों और सामाजिक जिम्मेदारी के समन्वय की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की दिशा में शिशिर बजाज और बजाज परिवार की यात्रा उद्यम, सेवा और राष्ट्र निर्माण के समन्वय का उदाहरण है।

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