सफल उद्यमियों को नई पीढ़ी के फाउंडर्स का मार्गदर्शक बनना चाहिए : जयन्त चौधरी
निसबड एलुमनाई मीट में बोले कौशल विकास मंत्री, उद्यमिता को बढ़ावा देने और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण पर दिया जोर
मेरठ। कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय के अंतर्गत नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर एंटरप्रेन्योरशिप एंड स्मॉल बिजनेस डेवलपमेंट (निसबड) के नोएडा कैंपस में आयोजित पहली एलुमनाई मीट ‘एलुमनाई कनेक्ट’ में केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री जयन्त चौधरी ने उद्यमियों को नई पीढ़ी के फाउंडर्स के लिए प्रेरणास्रोत बनने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि सफल उद्यमियों को अपने अनुभव साझा कर, नए उद्यमियों का मार्गदर्शन कर और उनकी सफलता के लिए अवसर तैयार कर अगली पीढ़ी के फाउंडर्स के चैंपियन की भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि उद्यमिता केवल व्यवसाय शुरू करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लगातार सीखने, नवाचार और सहयोग की प्रक्रिया है।
कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय की सचिव देवश्री मुखर्जी ने कहा कि भारत को नवाचार को बढ़ावा देने, रोजगार सृजन और विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने के लिए बड़ी संख्या में उद्यमियों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि निसबड का एलुमनाई नेटवर्क सफल उद्यमियों को नए फाउंडर्स के साथ जोड़कर उन्हें मार्गदर्शन और सहयोग देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
निसबड की महानिदेशक डॉ. पूनम सिन्हा ने कहा कि संस्थान से जुड़े प्रत्येक उद्यमी निसबड परिवार का हिस्सा हैं। एलुमनाई मीट जैसी पहल का उद्देश्य पूर्व छात्रों को जोड़ना, उनके बीच सहयोग बढ़ाना और उद्यमिता के क्षेत्र में नए अवसर उपलब्ध कराना है।
कार्यक्रम में नीति आयोग के मेंटर्स ने ‘बेस्ट प्रैक्टिसेज’ साझा करते हुए उद्यम विकास में मेंटरिंग की भूमिका पर प्रकाश डाला। मेंटर्स ने बिजनेस चुनौतियों से निपटने, उद्यम विस्तार, डिजिटल माध्यमों के उपयोग और बेहतर प्रबंधन से जुड़े अनुभव साझा किए।
इसके अलावा ‘डिजिटल ग्रोथ स्ट्रैटेजीज : मार्केट एक्सपेंशन के लिए ओएनडीसी, मेटा और GeM का इस्तेमाल’ विषय पर पैनल चर्चा आयोजित की गई। इसमें डिजिटल कॉमर्स, सरकारी खरीद, सोशल कॉमर्स, ब्रांडिंग और ऑनलाइन मार्केटप्लेस के माध्यम से कारोबार बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा हुई।
जयन्त चौधरी ने कहा कि लर्निंग और स्किलिंग जीवनभर चलने वाली प्रक्रिया है। उद्यमियों के लिए ऐसा मजबूत नेटवर्क तैयार करना जरूरी है, जहां वे एक-दूसरे से सीख सकें, सहयोग कर सकें और देश के उद्यमिता इकोसिस्टम को मजबूत बना सकें।
इस अवसर पर मंत्री ने निसबड के दो प्रकाशनों का विमोचन भी किया। इनमें ‘स्वावलंबन की ओर-4’ और ‘एलुमनाई कनेक्ट वॉल्यूम-1’ शामिल हैं, जिनमें सफल उद्यमियों की प्रेरक कहानियां, संस्थागत पहल और पूर्व छात्रों की उपलब्धियों को शामिल किया गया है।
कार्यक्रम में 19 राज्यों से आए करीब 200 सफल उद्यमी, निसबड के पूर्व छात्र, मेंटर्स, इंडस्ट्री लीडर्स और नीति निर्माता शामिल हुए। इस अवसर पर कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय की संयुक्त सचिव हेना उस्मान सहित मंत्रालय, नीति आयोग, निसबड, ओएनडीसी, GeM और मेटा के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
निसबड एलुमनाई मीट-2026 का उद्देश्य उद्यमियों, उद्योग जगत और सरकार के बीच मजबूत नेटवर्क तैयार करना है, जिससे रोजगार सृजन, नवाचार और विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को गति मिल सके।


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