सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से पहले ओघड़नाथ मंदिर पहुंचीं सेंट्रल मार्केट की महिलाएं
घर-रोजगार बचाने की लगाई गुहार
मेरठ। शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट विवाद में मंगलवार को प्रस्तावित सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से एक दिन पहले सोमवार को सेक्टर-2 की महिलाओं ने बाबा ओघड़नाथ मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और अपने घरों व कारोबार की सुरक्षा के लिए प्रार्थना की। महिलाओं ने कहा कि यह मामला केवल मकानों का नहीं, बल्कि हजारों परिवारों की आजीविका और बच्चों के भविष्य से जुड़ा हुआ है।
करीब 88 दिनों से धरने पर बैठी महिलाओं का कहना है कि पिछले तीन महीनों से उनका परिवार अनिश्चितता और मानसिक तनाव के बीच जीवन बिता रहा है। अब उन्हें सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से न्याय मिलने की उम्मीद है।
धरने में शामिल शालू शर्मा ने कहा कि मंगलवार की सुनवाई उनके परिवारों के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यदि घर और व्यापार प्रभावित होते हैं तो बच्चों की शिक्षा, परिवार का पालन-पोषण और रोजगार पर गंभीर असर पड़ेगा। इसी विश्वास के साथ वे भगवान से न्याय की प्रार्थना करने ओघड़नाथ मंदिर पहुंची हैं।
रूपाली शर्मा ने कहा कि बाबा ओघड़नाथ मंदिर 1857 की क्रांति का प्रतीक है। जिस धरती से आजादी की लड़ाई की शुरुआत हुई थी, वहीं से अब अपने घर और व्यापार को बचाने की लड़ाई भी नई उम्मीद के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि तीन महीने से शांतिपूर्ण आंदोलन के बावजूद उनकी बात नहीं सुनी गई, इसलिए अब न्यायपालिका से उन्हें राहत की उम्मीद है।
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने बताया कि वे पिछले लगभग 88 दिनों से लगातार धरना दे रही हैं। इस दौरान न तो वे ठीक से भोजन कर पा रही हैं और न ही चैन से सो पा रही हैं। हर समय घर और कारोबार छिनने की चिंता बनी रहती है।
महिलाओं ने कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और इसका उद्देश्य केवल अपने संवैधानिक अधिकारों, रोजगार तथा आशियाने की रक्षा करना है। अब सभी की निगाहें मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जिससे उन्हें सकारात्मक निर्णय मिलने की उम्मीद है।


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