बारिश में डूबा दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, करोड़ों की परियोजना पर उठे सवाल
मेरठ/गाजियाबाद। लगातार हो रही बारिश के बीच दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे-9 पर जलभराव ने सड़क निर्माण और ड्रेनेज व्यवस्था की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई स्थानों पर सड़क पर पानी भरने से तेज रफ्तार के लिए बने एक्सप्रेसवे पर वाहन रेंगने को मजबूर हो गए, जिससे लंबा जाम लगा और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया।
बारिश के दौरान गाजियाबाद क्षेत्र में एक्सप्रेसवे और एनएच-9 के कई हिस्सों में जलभराव देखने को मिला। बताया जा रहा है कि सड़क से पानी निकालने के लिए लगाए गए डाउन-टेक पाइप कई जगह जाम हैं, जिसके कारण वर्षा का पानी समय पर नहीं निकल पा रहा। वहीं विजय नगर, इंदिरापुरम और खोड़ा क्षेत्र की स्थानीय जल निकासी व्यवस्था पहले से ही दबाव में होने के कारण हाईवे का अतिरिक्त पानी भी नहीं निकल सका।
विशेषज्ञों के अनुसार, सड़क पर भरे पानी से तेज गति में गुजरने पर हाइड्रोप्लेनिंग की स्थिति बन सकती है। इसमें वाहन के टायर सड़क से संपर्क खो देते हैं, जिससे चालक का नियंत्रण कम हो जाता है और दुर्घटना की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।
विजय नगर बाईपास और काला पत्थर कट के आसपास जलभराव की स्थिति सबसे अधिक गंभीर बताई जा रही है। वाहन चालकों का कहना है कि बारिश के दौरान इन हिस्सों से गुजरना बेहद जोखिम भरा हो जाता है और उन्हें मजबूरन धीमी गति से वाहन चलाना पड़ता है।
स्थानीय लोगों और यात्रियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) तथा संबंधित विभागों से मांग की है कि जल निकासी व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त किया जाए, ताकि बारिश के दौरान एक्सप्रेसवे पर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान हो सके और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।


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