संस्कृत शोध में नई तकनीकों का प्रयोग समय की जरूरत: प्रभात कुमार
रघुनाथ गर्ल्स कॉलेज में ‘संस्कृत में शोध प्रविधियों का स्वरूप एवं महत्त्व’ विषय पर व्याख्यान आयोजित
मेरठ। रघुनाथ गर्ल्स पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज, में संस्कृत विभाग, भारतीय भाषा संस्कृति एवं कला प्रकोष्ठ तथा रिसर्च डेवलपमेंट सेल के संयुक्त तत्वावधान में विशिष्ट अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में डीएवी कॉलेज, बुलंदशहर के संस्कृत विभाग के सहायकाचार्य श्री प्रभात कुमार उपस्थित रहे।
व्याख्यान का विषय “संस्कृत में शोध प्रविधियों का स्वरूप एवं महत्त्व” रहा। मुख्य वक्ता प्रभात कुमार ने छात्राओं को संस्कृत शोध में अपनाई जाने वाली पारंपरिक और आधुनिक शोध विधियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संस्कृत अध्ययन के साथ-साथ शोध कार्य में नवीन तकनीकों का प्रयोग शोध की गुणवत्ता और प्रभावशीलता को बढ़ा सकता है।
उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी आधुनिक तकनीकों के माध्यम से संस्कृत शोध को नई दिशा देने के तरीकों से छात्राओं को परिचित कराया। साथ ही शोध कार्य में साहित्यिक चोरी (प्लेजरिज्म) के विभिन्न स्वरूपों और उससे बचने के उपायों की भी जानकारी दी।
कार्यक्रम का संयोजन संस्कृत विभाग एवं भारतीय भाषा संस्कृति एवं कला प्रकोष्ठ की प्रभारी डॉ. उपासना सिंह ने किया। रिसर्च डेवलपमेंट सेल की प्रभारी प्रो. अनुराधा मलिक एवं समिति की सदस्यों का विशेष योगदान रहा। संस्कृत विभाग की शिक्षिकाओं मिस दिव्या, मिस स्वीटी और मिस अंजलि ने भी आयोजन में सहयोग किया।
व्याख्यान में तनीषा तोमर, पलकराज, शीतल, आंचल, सुवेदा, प्राची रस्तोगी, रीना, शगुन, शीतल, वंशिका मित्तल, रूबी, तनु, ललिता, पलक राज सहित बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं और व्याख्यान से लाभान्वित हुईं।


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