वियतनाम में आईआईएमटी विश्वविद्यालय के छात्रों ने बढ़ाया भारत का गौरव
मेरठ। आईआईएमटी विश्वविद्यालय के छह विद्यार्थियों ने वियतनाम की प्रतिष्ठित वैन लैंग यूनिवर्सिटी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय एकेडमिक इमर्शन प्रोग्राम में प्रतिभाग कर विश्वविद्यालय के साथ-साथ भारत का भी गौरव बढ़ाया। 28 जून से 5 जुलाई 2026 तक आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने शैक्षणिक गतिविधियों, विशेषज्ञों के व्याख्यान, उद्योग-केंद्रित सत्रों और विभिन्न देशों के विद्यार्थियों के साथ क्रॉस-कल्चरल एक्सचेंज में सक्रिय भागीदारी की।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को वैश्विक शिक्षा प्रणाली, आधुनिक तकनीकों और अंतरराष्ट्रीय उद्योग जगत की कार्यप्रणाली को निकट से समझने का अवसर मिला। आईआईएमटी विश्वविद्यालय के डायरेक्टर (इंटरनेशनल अफेयर्स एंड एडमिशन) आर.के. शर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय से रितिका राजपूत (बीबीए), कौशल यादव (बीसीए), दीपक कुमार ढाका (बीसीए), मोहम्मद सैफ खान (बीटेक-मैकेनिकल इंजीनियरिंग), आदित्य वशिष्ठ (बीटेक-कंप्यूटर साइंस) और हैप्पी सिंह (बीटेक-सीएस-एआईएमएल) का चयन इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम के लिए किया गया था। डॉ. आर. जयालक्ष्मी के नेतृत्व में सभी विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय का सफलतापूर्वक प्रतिनिधित्व किया।
विश्वविद्यालय के कुलाधिपति योगेश मोहन गुप्ता ने विद्यार्थियों की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि आईआईएमटी का उद्देश्य केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी और सक्षम बनाना भी है। उन्होंने कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम छात्रों के व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता, संचार कौशल और व्यावसायिक दृष्टिकोण को नई दिशा देते हैं तथा उनके करियर की संभावनाओं को और मजबूत बनाते हैं।
विद्यार्थियों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वियतनाम में उन्हें नई शिक्षा पद्धतियों, नवाचार, उद्योग जगत और विभिन्न देशों के छात्रों के साथ संवाद का अमूल्य अवसर मिला। उनके अनुसार यह अनुभव भविष्य में उनके शैक्षणिक और व्यावसायिक जीवन के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगा।


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